Budget 2022 में आपके लिए क्या, राजनीतिक गलियारे में क्या है चर्चा

Budget 2022 में आपके लिए क्या, राजनीतिक गलियारे में क्या है चर्चा

रांची: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने मंगलवार को वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए आम बजट (budget 2022) पेश किया। बजट चार मुख्य बिंदुओं पर केंद्रित है – समावेशी विकास (inclusive development), उत्पाद वृद्धि (productivity enhancement), ऊर्जा स्थांतरण (energy transition) और पर्यावरण कार्य (climate action). इस वित्तीय वर्ष में सरकार देश के विभिन्न क्षेत्रों के विकास के लिए 10.68 लाख करोड़ रुपये खर्च करने का अनुमान लगा रही है।

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बजट (Budget 2022) के मुख्य बिंदु –
– 48 हजार करोड़ की मदद से देश में 80 लाख घर बनाने की घोषणा की गयी है।
– किसानों की आय दोगुनी करने के लिए 2.25 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि ये पैसे किसानों के खाते में सीधा पहुंचाए जाएंगे।
– देश के 3.8 करोड़ नए घरों को ‘हर घर नल से जल’ योजना से जोड़ने के लिए 60 हजार करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।
– देश भरे छात्रों को विश्व स्तर की शिक्षा देने के उद्देश्य से डिजिटल विश्वविद्यालय (digital university) खोलने की घोषणा की गई है।
– 60 लाख नए रोजगार (new employment) के लिए अगले पांच सालों में सरकार 30 लाख करोड़ रुपये खर्च करेगी।
– छोटे उद्योगों (small interprises) को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने 2 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
– सेना के लिए (defence budget) 1.52 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जिससे विशेष हथियारों की खरीद हो सके।
– वर्चुअल करेंसी (virtual currency) से हो रही कमाई पर 30 फीसदी तक टैक्स (income tax) के प्रावधान।

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बजट (budget 2022) प्रस्तुत होने के बाद देश भर के लोगों ने अपनी प्रतिक्रियाएं देनी शुरू कर दी है। हालांकि अभी बजट की कई बिंदुओं पर चर्चा होनी बाकी है, लेकिन राजनीतिक पार्टियों ने अपनी बात स्पष्ट कर दी है। झारखंड में सरकार और विपक्ष की मुख्य पार्टियों ने शाम तक प्रेस वार्ता अथवा प्रेस रिलीज के जरिये अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं।

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बड़े घरानों को फायदा पहुंचाने और गरीबों की आंखों पर सतरंगी चश्मा पहनाने वाला बजट: झामुमो
झारखंड में मुख्य सत्ताधारी पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा (Jharkhand Mukti Morcha) के राष्ट्रीय महासचिव सुप्रीयो भट्टाचार्य ने कहा है कि यह बजट (budget 2022) बड़े उद्योगपतियों को ध्यान में रख कर बनाया गया है। उन्होंने कहा कि बड़े घरानों को फायदा पहुंचाने और मेहनतकश लोगों की आंखों में सतरंगी चश्मा पहनाने जैसा है।

उन्होंने कहा कि सरकार रेलवे को बेचने जा रही है। बीमा कंपनियां निजी संपत्ति की तरह देखी जाएंगी। रोजगार का वादा झूठा है और महिलाओं व किसानों के लिए इसमें कुछ नहीं है। सुप्रीयो भट्टाचार्य ने कहा कि यह बजट शहद में जहर मिलाकर देने जैसा है।

आत्मनिर्भर भारत का रोजगार दिलाने वाला बजट (Budget 2022) : भाजपा
भाजपा (BJP) विधायक दल के नेता पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने कहा कि यह आत्मनिर्भर भारत और रोजगार सृजन का बजट है। उन्होंने कहा कि डिफेंस (defence) को मजबूत करने के प्रयास किया गया है, ऑनलाइन शिक्षा पर भी फोकस है। जिन गरीब बच्चों को स्कूलों में एडमिशन नहीं मिल पाता है, वे डिजिटल शिक्षा (digital education) से जुड़कर अपना भविष्य बेहतर करेंगे। बाबूलाल ने कहा कि इंफ्रास्ट्रकचर के लिए भी सरकार ने राशि दी है।

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झारखंड के लिए बजट (Budget 2022) में क्या है के सवाल पर बाबूलाल ने कहा कि सभी राज्यों के लिए 1 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। यह राज्य के विकास में सहयोग करेगा। इनकम टैक्स (income tax) कम नहीं करने और कॉर्पोरेट टैक्स कम किये जाने के सवाल पर बाबूलाल ने कहा कि कॉर्पोरेट टैक्स कम करने से रोजगार बढ़ेगा, जिसका फायदा देश के बाकि लोगों को मिलेगा।

 

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बजट (Budget 2022) में झारखंड के लिए कुछ नहीं : कांग्रेस
कांग्रेस (Congress) के प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने बजट (budget 2022) पर नाराजगी प्रकट की है। उन्होंने कहा है कि इस बजट में झारखंड के लिए कुछ नहीं है। विश्लेषण करते हुए उन्होंने बताया कि कोराना (COVID) के कारण असंगठित क्षेत्र ध्वस्त है, ऐसे में लोगों की जेब में पैसा कहां से आएगा, इसका प्रावधान किया जाना चाहिए था।

दूसरी तरफ किसानों के खाद की सब्सिडी घटा दी गयी है। मनरेगा (MNREGA) का बजट पिछले साल 98 हजार करोड़ था, जिसे घटाकर 73 हजार करोड़ कर दिया गया है। जबकि मनरेगा इस देश के मजदूरों को सबसे बड़े पैमाने पर रोजगार दे रही है। इसी तरह फुड सब्सिडी घटा दिया गया है। इस बजट (Budget 2022) में गांव के लोगों के लिए कुछ नहीं है।

Edited By: Samridh Jharkhand

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