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Read More... ग्रीनहाउस गैस नीति के साथ बदल रही भारतीय राजनीति की दिशा
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By Anshika Ambasta
भारत में क्लाइमेट चेंज, कार्बन क्रेडिट और ग्रीनहाउस गैस नीति अब राजनीति और विकास के प्रमुख मुद्दे बनते जा रहे हैं। नेताओं और रणनीतिकारों के बीच ग्रीन पॉलिटिक्स की समझ तेजी से बढ़ रही है। “बस देख लेंगे”: भारतीय टालमटोल संस्कृति पर तीखा व्यंग्य
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By Mohit Sinha
“बस देख लेंगे” शीर्षक यह व्यंग्यात्मक लेख भारतीय समाज में प्रचलित उस मानसिकता पर रोशनी डालता है, जहाँ समस्याओं का समाधान करने की बजाय उन्हें टालने की प्रवृत्ति अधिक दिखाई देती है। घर के छोटे कामों से लेकर दफ्तर और राजनीति तक, यह तीन शब्दों का वाक्य अक्सर जिम्मेदारियों को आगे बढ़ाने का माध्यम बन जाता है। Climate कहानी : सिर्फ धुआँ नहीं, मौसम भी बढ़ा रहा शहरों की हवा में ज़हर
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By Climate कहानी
भारत के बड़े शहरों में बढ़ते वायु प्रदूषण को अक्सर वाहनों, उद्योगों और कचरा जलाने जैसे कारणों से जोड़ा जाता है, लेकिन एक नई रिपोर्ट बताती है कि मौसम भी इसमें बड़ी भूमिका निभाता है। पर्यावरण संस्था Climate Trends की स्टडी के अनुसार मौसम की स्थितियां प्रदूषण के स्तर को 40 प्रतिशत तक प्रभावित कर सकती हैं। मेरी व्यथा… : डॉ. अतुल मलिकराम
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By Mohit Sinha
यह लेख एक उद्योगपति की उस भावनात्मक यात्रा को उजागर करता है, जो किसी छोटे से विचार से शुरू होकर एक बड़े संस्थान के निर्माण तक पहुँचती है। शुरुआत में सीमित संसाधनों के बावजूद टीम में एकजुटता और साझा सपना होता है। वक्त का हर शै गुलाम… नीतीश की विदाई की बस इत्ती-सी कहानी है
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By Mohit Sinha
बिहार की राजनीति में एक बड़ा मोड़ सामने आया है, जब नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चा तेज हो गई है। लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार की सियासी यात्रा उतार-चढ़ाव और गठबंधनों के बदलाव से भरी रही है। पश्चिम एशिया युद्ध: क्या भारत के लिए संकट या ऐतिहासिक अवसर?
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By Mohit Sinha
पश्चिम एशिया में अमेरिका–इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ता सैन्य संघर्ष वैश्विक ऊर्जा व्यवस्था और भू-राजनीतिक संतुलन को झकझोर रहा है। भारत, जो अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए खाड़ी देशों पर अत्यधिक निर्भर है, इस संकट से सीधे प्रभावित हो सकता है। बिजली ट्रांज़िशन पर नई रिपोर्ट: 21 राज्यों की 21 अलग-अलग रफ्तार
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By Susmita Rani
Institute for Energy Economics and Financial Analysis (IEEFA) और Ember की संयुक्त रिपोर्ट Indian States’ Electricity Transition 2026 में बताया गया है कि भारत में बिजली संक्रमण अब एकसमान नहीं बल्कि मल्टी-स्पीड ट्रांजिशन बन चुका है। 21 राज्यों के आकलन में कर्नाटक डीकार्बनाइजेशन में आगे है, जबकि दिल्ली ईवी अपनाने में शीर्ष पर है। रिपोर्ट में नवीकरणीय ऊर्जा, डिस्कॉम सुधार, स्मार्ट मीटर, ग्रीन टैरिफ और ऊर्जा भंडारण जैसे पहलुओं पर राज्यों की प्रगति को रेखांकित किया गया है। झारखण्ड का बजट: अंतिम पायदान पर खड़े समाज के विकास का सच्चा आईना बने
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By Susmita Rani
झारखण्ड का बजट तभी ऐतिहासिक होगा जब वह अंतिम पायदान पर खड़े दलित, आदिवासी, मूलवासी और गरीब समाज के विकास का वास्तविक प्रतिबिंब बने। शिक्षा, स्वास्थ्य, भूमि अधिकार, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा पर केंद्रित बजट ही राज्य को सामाजिक न्याय का मॉडल बना सकता है। Ring of Fire Solar Eclipse Today: भारत में दिखेगा या रहेगा अदृश्य? इस दिन आएगा ब्लड मून
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By Samridh Desk
वॉशिंगटन: 17 फरवरी 2026 को लगने वाला सूर्य ग्रहण यानी आज पूरी दुनिया के कुछ हिस्सों में आसमान में रिंग ऑफ फायर का शानदार नजारा पेश कर रहा है। यह वलयाकार सूर्य ग्रहण है, जहां चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह... विकास की रफ्तार के साथ बढ़ता मौत का आंकड़ा: झारखंड की सड़कों पर संकट
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By Susmita Rani
तेज़ विकास के साथ झारखंड में सड़क दुर्घटनाएँ एक गंभीर सामाजिक संकट बन चुकी हैं। हर साल हजारों लोग असमय जान गंवा रहे हैं। आंकड़े बताते हैं कि ओवरस्पीडिंग, दोपहिया वाहन हादसे, ब्लैक स्पॉट और आपात चिकित्सा सेवाओं की कमी इस त्रासदी के प्रमुख कारण हैं। महाशिवरात्रि केवल पर्व नहीं, चेतना के जागरण की महानिशा है
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By Susmita Rani
महाशिवरात्रि केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आत्मबोध और चेतना के जागरण का पर्व है। यह रात्रि मनुष्य को भीतर झाँकने, विवेक जाग्रत करने और करुणा, संतुलन व वैराग्य को जीवन में उतारने का संदेश देती है। संस्कृति का प्रतीक संकट में: झारखण्ड में हाथी और मानव का टकराव
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By Susmita Rani
झारखण्ड में मानव–हाथी संघर्ष केवल वन्यजीव समस्या नहीं बल्कि सामाजिक, आर्थिक और पारिस्थितिक संकट बन चुका है। खनन, वन क्षरण, जल संकट और हाथी कॉरिडोर के अवरोध ने इस संघर्ष को गहराया है। यह लेख विकास और पर्यावरण संतुलन की अनिवार्यता को रेखांकित करता है। 