पर्यावरण
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Read More... उधवा झील: जहां हर सर्दी हजारों किलोमीटर उड़कर पहुंचते हैं परिंदों के मेहमान
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By Mohit Sinha
साहिबगंज स्थित उधवा झील झारखंड की एकमात्र पक्षी अभयारण्य और राज्य की इकलौती रामसर साइट है। हर वर्ष सर्दियों में साइबेरिया, मंगोलिया और यूरोप से हजारों प्रवासी पक्षी यहां पहुंचते हैं। विश्व पर्यावरण दिवस 2026: युद्ध और प्रदूषण की आग में झुलसती पृथ्वी
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By Mohit Sinha
विश्व पर्यावरण दिवस पर आधारित यह विशेष लेख जलवायु परिवर्तन के साथ-साथ युद्धों से पैदा हो रहे पर्यावरणीय संकट की पड़ताल करता है। लेखक मनोज कुमार ने खाड़ी क्षेत्र में जारी संघर्ष, तेल रिसाव, बढ़ते कार्बन उत्सर्जन, समुद्री जैव विविधता पर खतरे और वैश्विक प्रदूषण के प्रभावों को रेखांकित किया है। Climate कहानी: El Niño की आहट से डरा मानसून 2026, भारत के सामने सूखा, गर्मी और पानी संकट का खतरा
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By Mohit Sinha
भारत में मानसून 2026 को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। मौसम वैज्ञानिकों और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के अनुसार एल नीनो की स्थिति तेजी से विकसित हो रही है, जिससे देश में सामान्य से कम बारिश, भीषण गर्मी, जल संकट और कृषि उत्पादन पर असर पड़ सकता है। असम में मिली दुर्लभ ‘बेंट-टोएड गेको’ छिपकली, वैज्ञानिक भी हुए हैरान
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By Mohit Sinha
असम के ग्वालपारा जिले स्थित उरपाद बील में दुर्लभ बेंट-टोएड गेको छिपकली देखी गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह पहली बार है जब इस प्रजाति को राज्य में आधिकारिक रूप से दर्ज किया गया है। Climate कहानी: AC की बढ़ती मांग से बिजली संकट का खतरा, रिपोर्ट ने बताया बड़ा समाधान
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By Mohit Sinha
भारत में बढ़ती गर्मी और तेजी से बढ़ रहे एयर कंडीशनर उपयोग के बीच नई रिपोर्ट ने बिजली संकट की आशंका जताई है। India Energy and Climate Center (IECC) की रिपोर्ट के अनुसार, अगर अगले दस वर्षों में AC की ऊर्जा दक्षता दोगुनी कर दी जाए, तो भारत बड़े बिजली संकट से बच सकता है। सस्टेनेबल नहीं, ‘सनातन विकास’ चाहिए: सरयू राय का नया विजन
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By Mohit Sinha
जमशेदपुर में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय नदी पर्वत सम्मेलन के समापन समारोह में विधायक सरयू राय ने ‘सनातन विकास’ मॉडल अपनाने की वकालत की। उन्होंने कहा कि वर्तमान विकास मॉडल विनाशकारी साबित हो रहा है और प्राकृतिक संसाधनों को बचाकर विकास करना समय की आवश्यकता है। झारखंड के युवा शोधकर्ता कुलेश भंडारी का चीन में अंतरराष्ट्रीय जैवविविधता सम्मेलन के लिए चयन
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By Mohit Sinha
झारखंड के युवा जैवविविधता शोधकर्ता और प्राणीशास्त्र के स्नातकोत्तर विद्यार्थी कुलेश भंडारी का चयन चीन में आयोजित होने वाले एटीबीसी-2026 अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के लिए हुआ है। वे इस सम्मेलन में झारखंड के आदिवासी क्षेत्रों के ग्रेनाइट पहाड़ी पारितंत्र और जैवविविधता पर अपना शोध प्रस्तुत करेंगे। आ गया सुपर अलनीनो! बढ़ी IMD की चिंता, कहीं सूखा तो कहीं बाढ़; जानिए क्या होगा असर
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By Samridh Media Desk
El Niño Effect in India 2026: प्रशांत महासागर में समुद्री तापमान तेजी से ऊपर जा रहा है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार एक बेहद शक्तिशाली "सुपर अलनीनो" उभर सकता है, जिसके दुष्प्रभाव भारत सहित दुनियाभर में महसूस किए जाएंगे। बेज़ुबानों को पिला रहे पानी, इंसानियत की मिसाल बनी “दाना-पानी” पहल
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By Mohit Sinha
भीषण गर्मी में जब इंसान सुरक्षित स्थानों और पानी की व्यवस्था कर लेता है, वहीं बेजुबान पक्षी और जानवर प्यास से बेहाल रहते हैं। इसी संवेदनशीलता को समझते हुए शहर की संस्था बीइंग रेस्पॉन्सिबल द्वारा “दाना-पानी” अभियान चलाया जा रहा है। इस वर्ष संस्था ने 200 से अधिक मिट्टी के सकोरे और दाने वितरित किए हैं। झारखंड में अचानक बढ़ी भीषण गर्मी की असली वजह क्या है, समझिए आसान भाषा में
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By Samridh Media Desk
क्या आपको भी लग रहा है कि झारखंड में अचानक गर्मी कुछ ज़्यादा ही तेज हो गई है? आखिर अप्रैल में ही तापमान इतना क्यों बढ़ गया और हीटवेव जैसी स्थिति कैसे बन गई? आइए आसान भाषा में समझते हैं इसके पीछे की असली वजह। ग्रेनाइट जैवविविधता पर कुलेश भंडारी का शोध अंतरराष्ट्रीय मंच पर चयनित
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By Anshika Ambasta
झारखंड के संथाल परगना क्षेत्र से युवा जैवविविधता शोधकर्ता कुलेश भंडारी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उनका शोध उष्णकटिबंधीय ग्रेनाइट आउटक्रॉप्स और माइक्रोहैबिटैट पर आधारित है, जिसे Association for Tropical Biology and Conservation Annual Meeting 2026 में मौखिक प्रस्तुति के लिए चुना गया है। ग्रीनहाउस गैस नीति के साथ बदल रही भारतीय राजनीति की दिशा
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By Anshika Ambasta
भारत में क्लाइमेट चेंज, कार्बन क्रेडिट और ग्रीनहाउस गैस नीति अब राजनीति और विकास के प्रमुख मुद्दे बनते जा रहे हैं। नेताओं और रणनीतिकारों के बीच ग्रीन पॉलिटिक्स की समझ तेजी से बढ़ रही है। 