कल राष्ट्रपति भवन में सीपी राधाकृष्णन लेंगे उपराष्ट्रपति पद की शपथ

कल राष्ट्रपति भवन में सीपी राधाकृष्णन लेंगे उपराष्ट्रपति पद की शपथ
सीपी राधाकृष्णन (फाइल फ़ोटो)

नई दिल्ली: भारत को नया उपराष्ट्रपति मिला है। सीपी राधाकृष्णन ने 67 वर्ष की उम्र में उपराष्ट्रपति पद के लिए हुए चुनाव में ऐतिहासिक जीत हासिल की है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 12 सितंबर 2025 को सुबह 10 बजे राष्ट्रपति भवन में उन्हें पद की शपथ दिलाएंगी। आइए विस्तार से जानते हैं इस चुनाव, परिणाम और सीपी राधाकृष्णन के बारे में हर ज़रूरी तथ्य।


उपराष्ट्रपति चुनाव: कब और क्यों हुआ?

हाल ही में तत्कालीन उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई को अचानक इस्तीफा दे दिया था, जिससे यह चुनाव कराना पड़ा। इस चुनाव के परिणामस्वरूप भाजपा के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन निर्वाचित हुए हैं। उपराष्ट्रपति चुने जाने के बाद, राधाकृष्णन ने तुरंत महाराष्ट्र के राज्यपाल पद से भी इस्तीफा दे दिया, ताकि वे नए दायित्व का पालन कर सकें.

शपथ ग्रहण समारोह

  • तारीख: 12 सितंबर 2025, शुक्रवार

  • समय: सुबह 10:00 बजे

  • स्थान: राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली

  • शपथ दिलाएंगी: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू

जीत का गणित: कितने वोट मिले?

राधाकृष्णन को विपक्ष के उम्मीदवार और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बीवी. सुंदरम रेड्डी के ख़िलाफ़ जीत मिली।

  • सीपी राधाकृष्णन: 452 वोट

  • बीवी सुंदरम रेड्डी: 300 वोट

कुल 781 सांसदों ने अपने वोट दिए, जिनमें 767 वोट मान्य पाए गए और 14 वोट अमान्य रहे। जीत के लिए आवश्यक बहुमत 377 था, जबकि राधाकृष्णन को 452 मत मिले.

किसने दिया समर्थन?

राधाकृष्णन को कुल 427 सांसदों का समर्थन पहले से ही मिल गया था। कई विपक्षी सांसदों, जैसे बीजू जनता दल (BJD), भारत राष्ट्र समिति (BRS) के चार सांसद, शिरोमणि अकाली दल (SAD) के एक सांसद समेत कुछ निर्दलीय सांसदों ने भी समर्थन दिया।

चुनाव की अहम बातें
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी लोकसभा और राज्यसभा के सभी सांसदों के समर्थन का आह्वान किया।

  • कांग्रेस के उम्मीदवार को अपेक्षाकृत कम समर्थन मिला, जबकि भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए ने एकजुट होकर वोटिंग की।

सीपी राधाकृष्णन की जीत के साथ ही भारत को नया उपराष्ट्रपति मिल गया है। वे 12 सितंबर को शपथ ग्रहण करेंगे और देश के संवैधानिक दायित्वों का निर्वहन करेंगे। इस चुनाव ने भारतीय लोकतांत्रिक प्रणाली में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ दिया है, जहां दलों की राजनीति, समर्थन का गणित और संवैधानिक पदों की गरिमा का विशेष ध्यान रखा गया।

Edited By: Samridh Desk
Samridh Desk Picture

समृद्ध डेस्क (Samridh Desk), समृद्ध झारखंड का आधिकारिक संपादकीय विभाग है — जो निष्पक्ष, पारदर्शी और सामाजिक जागरूक पत्रकारिता के लिए समर्पित है। हम अनुभवी संपादकों, रिपोर्टरों, डिजिटल संवाददाताओं और कंटेंट राइटर्स की टीम हैं, जो सत्य और जिम्मेदारी की भावना से समाज के मुद्दों को सामने लाने का कार्य करती है।

समृद्ध डेस्क के नाम से प्रकाशित हर लेख हमारी निष्ठा, ईमानदारी और सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रतीक है।
हम हर खबर को तथ्यों, निष्पक्षता और जनहित के दृष्टिकोण से प्रस्तुत करते हैं — ताकि पाठकों को केवल सूचना नहीं, बल्कि सच्चाई का पूरा चित्र मिले।

Related Posts

Latest News

90 के दशक के सहपाठी जुटे  तिलैया डैम के तट पर, मनोरम वादियों में भावनाओं का दिखा सैलाब   90 के दशक के सहपाठी जुटे  तिलैया डैम के तट पर, मनोरम वादियों में भावनाओं का दिखा सैलाब  
राजद नेता सुभाष प्रसाद यादव के आवास पर मकर संक्रांति कार्यक्रम का आयोजन
जेजेए की बैठक में संगठन की मजबूती और पत्रकार एकता पर बल
झारखंड के 13 जिलों में शीतलहर का येलो अलर्ट जारी
विद्युत कर्मियों पर हमले के दोषियों पर हो सख्त कार्रवाई : अजय राय
वरिष्ठ समाजसेवी धर्मेंद्र तिवारी ने ब्राह्मण समाज की एकता और समरसता पर दिया जोर
VKDL एनपीए एडवाइजरी काउंसिल के चेयरमैन विनय कुमार दुबे सम्मानित
17वें नेशनल जंप रोप प्रतियोगिता के लिए कोडरमा में दो दिवसीय ट्रेनिंग कैंप व ट्रायल संपन्न
म्यूटेशन नियम में बदलाव जनविरोधी, भ्रष्टाचार को मिलेगा बढ़ावा : सुरेश साव
रामपुर में तीन दिवसीय फुटबॉल प्रतियोगिता का फाइनल संपन्न, जालोकुंडी बनी विजेता
Giridih News: साइबर ठगी से करोड़ों की संपत्ति बनाने वाले 3 शातिर साइबर अपराधी गिरफ्तार
6 करोड़ 14 लाख से अधिक की लागत से 54 योजनाओं का शिलान्यास, मानगो को मिलेगी नई रफ्तार