Sahebganj News: आंधी-तूफान ने मचाई भारी तबाही, गेहूं और मक्का की फसलें बर्बाद
पीड़ित किसानों ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से तत्काल सर्वे कराकर राहत राशि मांगी
साहिबगंज जिले में पिछले दो दिनों से जारी आंधी और बेमौसम बारिश ने किसानों को भारी आर्थिक चोट पहुँचाई है। विशेष रूप से साहिबगंज और राजमहल प्रखंड के दियारा क्षेत्रों में सैकड़ों एकड़ में लगी गेहूं और मक्का की फसलें तेज हवा के कारण जमीन पर बिछ गई हैं। हालांकि इस बारिश से आम और लीची की बागवानी को मामूली लाभ हुआ है, लेकिन अनाज की फसलों का विनाश देखकर किसान मायूस हैं। पीड़ित किसानों ने अब सरकार और जिला प्रशासन से क्षति का आकलन कर मुआवजे की मांग की है ताकि वे इस आर्थिक संकट से उबर सकें।
साहिबगंज: बीते दो दिनों से लगातार हुई आंधी और बारिश ने जिले के किसानों की कमर तोड़ कर रख दी है। जहां एक ओर इस बारिश से आम और लीची के फसल को हल्का फायदा पहुंचा है, वहीं गेहूं, चना, मसूर, मटर, सरसों और मक्का के किसानों पर यह मौसम आफत बनकर टूटा है। तेज हवा के कारण जिले के सैकड़ों एकड़ में लगी गेहूं और मक्का की फसलें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं। कई खेतों में खड़ी फसल पूरी तरह टूटकर जमीन पर बिछ गई। ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह से किसान अपने खेतों का मुआयना कर मायूस लौट रहे हैं। किसानों का कहना है कि गेहूं और मक्का का यह सीजन उनके लिए आमदनी का मुख्य स्रोत था, लेकिन तूफान और बारिश ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।
नुकसान के बाद ग्रामीण किसान परिवार आर्थिक संकट की आशंका जता रहे हैं और सरकार तथा जिला प्रशासन से मुआवजे की मांग कर रहे हैं। वहीं, फसलों के नुकसान की जानकारी लगातार मिल रही है। स्थानीय किसानों के अनुसार, तेज हवा और कहीं-कहीं हल्की वर्षा ने आम और लीची की बागवानी को थोड़ी राहत जरूर दी है, लेकिन भारी बारिश और तूफान ने खेतों में खड़ी अनाज वाली फसलों का बड़ा नुकसान कर दिया है।

