Giridih News: 'गजराज' का डेरा: झुंड से बिछड़े हाथियों ने बढ़ाई धड़कनें, दहशत में ग्रामीण
रात भर जागकर पहरा देने को मजबूर ग्रामीण
गिरिडीह के तिसरी प्रखंड स्थित लोकाय क्षेत्र में झुंड से बिछड़े हाथियों की मौजूदगी ने भारी दहशत पैदा कर दी है। हाथी लोकाय के जंगलों और खेतों के समीप देखे गए हैं, जिससे किसानों की फसलों पर संकट मंडरा रहा है। हाथियों के हमले के डर से ग्रामीण रात भर जागकर पहरा दे रहे हैं और बच्चों को घरों में सुरक्षित स्थानों पर छिपा दिया गया है। ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जल्द से जल्द हाथियों को सुरक्षित वन क्षेत्र में खदेड़ने की मांग की है।
तिसरी: प्रखंड के लोकाय क्षेत्र में इन दिनों हाथियों की मौजूदगी ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है। जानकारी के अनुसार, अपने झुंड से बिछड़े कुछ हाथी लोकाय के जंगलों और आस-पास के खेतों में देखे गए हैं। हाथियों के आने की खबर आग की तरह फैल गई है, जिससे पूरे इलाके में भय का माहौल व्याप्त है। ग्रामीण रात-रात भर जगकर अपने घरों और फसलों की रखवाली करने को मजबूर हैं। वन विभाग को इसकी सूचना दे दी गई है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम अब तक नहीं हुए हैं।
हाथियों का झुंड से बिछड़ना न केवल उन वन्यजीवों के लिए तनावपूर्ण है, बल्कि ग्रामीणों के लिए जान-माल का खतरा बन गया है। ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों की भारी पदचाप और उनकी चिंघाड़ आधी रात को किसी बड़े खतरे की घंटी जैसी सुनाई देती है। बच्चों को घरों के सबसे सुरक्षित कोनों में छिपा दिया गया है। किसान खेतों की ओर देखने की हिम्मत भी नहीं जुटा पा रहे हैं, क्योंकि वहां 'मौत' पहरा दे रही है। हाथियों का यह गुस्सा कभी भी तबाही मचा सकता है।

