गरीब-गुरबों को रहने का आवास नहीं, हेमंत सोरेन झारखंड में बनाएंगे शीश महल: आदित्य साहू
मुगल बादशाहों की तरह शासन कर रहे हैं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन
झारखंड में मुख्यमंत्री आवास निर्माण को लेकर सियासत तेज हो गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने हेमंत सोरेन सरकार पर 100 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले ‘शीश महल’ के निर्माण का आरोप लगाते हुए इसे जनता के पैसे की फिजूलखर्ची बताया है।
रांची: भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सह सांसद आदित्य साहू ने आज प्रदेश मुख्यालय में प्रेस वार्ता कर हेमंत सरकार द्वारा 100 करोड़ से ज्यादा की लागत से मुख्यमंत्री आवास बनाए जाने का कड़ा विरोध किया। आदित्य साहू ने कहा कि खुद को गरीबों की सरकार का अगुआ कहने वाले मुख्यमंत्री जी ₹100 करोड़ का जो शीश महल बना रहे हैं, वह झारखंड के आदिवासी-मूलवासी जनता की गाढ़ी कमाई की फिजूलखर्ची है।
साहू ने कहा कि इस संबंध में भवन विभाग ने टेंडर जारी किया है, जिसकी कुल लागत 67 करोड़ रुपये है। इसमें इंटीरियर और फर्नीचर का खर्च नहीं जोड़ा गया है। बनते-बनते इसकी लागत 100 करोड़ रुपये से भी ज्यादा होगी। शीश महल का टेंडर 2 अप्रैल को वेबसाइट पर अपलोड होगा। 29 अप्रैल टेंडर जमा करने की अंतिम तिथि होगी, जबकि 30 अप्रैल को टेंडर खोला जाएगा। 8 अप्रैल को प्री-बिड बैठक होगी।

साहू ने कहा कि कैग की रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली के अरविंद केजरीवाल का शीश महल शुरुआत में लगभग 8.30 करोड़ रुपये का था, जो बाद में विलासिता की चीजों को जोड़ते हुए 33.66 करोड़ रुपये का हो गया, यानी 342% की वृद्धि। हेमंत सोरेन का शीश महल तो केजरीवाल के शीश महल से भी लगभग तीन गुना महंगा है।
साहू ने आरोप लगाया कि राज्य में गरीबों को अबुआ आवास, वृद्धा पेंशन और धान खरीद का भुगतान नहीं मिल रहा, लेकिन मुख्यमंत्री अपने लिए शीश महल बनवा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा इस शीश महल का कड़ा विरोध करती है और झारखंडियों के खून-पसीने की कमाई को इस पर खर्च नहीं होने देगी। यदि मुख्यमंत्री अपने इस निर्णय को वापस नहीं लेते हैं, तो भाजपा का एक-एक कार्यकर्ता सड़क पर उतरकर लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करेगा।
प्रेस वार्ता में प्रदेश मंत्री शैलेन्द्र सिंह, मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक, सह प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह, प्रवक्ता प्रतुल शाह देव और राफिया नाज भी उपस्थित थे।
