Martyrs' Day: भगत सिंह, सुखदेव, एवं राजगुरु की 94 वे शहादत दिवस पर परिचर्चा का आयोजन
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कार्यक्रम की अध्यक्षता व संचालन जीवन यादव ने करते हुए परिचर्चा के विषय छात्रों- युवाओं पर सोशल मीडिया व साइबर क्राइम का बढ़ता प्रभाव ,इसकी समस्याएं और हल को सबके समक्ष प्रस्तुत किया व उसके महत्व को बताया।
हजारीबाग: गैर समझौतावादी धारा के महान क्रांतिकारी शहीद ए आज़म भगत सिंह, सुखदेव ,राजगुरु के शहादत दिवस के अवसर पर परिचर्चा का आयोजन किया गया ।कार्यक्रम की अध्यक्षता व संचालन जीवन यादव ने करते हुए परिचर्चा के विषय छात्रों- युवाओं पर सोशल मीडिया व साइबर क्राइम का बढ़ता प्रभाव, इसकी समस्याएं और हल को सबके समक्ष प्रस्तुत किया व उसके महत्व को बताया।

समाज व युवाओं में सोशल मीडिया साइबर क्राइम और उसके समाधान के रास्ते के विषय पर उच्च न्यायालय के अधिवक्ता आशीष कुमार व राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित एन.एस.एस स्वयंसेवक आलोक पांडे ने अपनी बातें रखी। उन्होंने कहा कि जितनी तेजी से आज हम वैज्ञानिक युग में आगे बढ़ते जा रहे हैं मशीनों पर निर्भरता बढ़ती जा रही है। उतनी ही तेजी से इससे होने वाले दुष्प्रभाव भी हमारे समाज में देखने को मिल रहे हैं। इसीलिए इन सुविधाओं का लाभ उठाते हुए। हमें इसके हानिकारक पक्ष को भी ध्यान में रखते हुए सतर्कता बरतने की जरूरत है। बेवजह के फोटो वीडियो, अपने निजी व दैनिक क्रियाकलापों की जानकारी सोशल मीडिया जैसे माध्यम पर पोस्ट करने से पहले गंभीरता से विचार करने की जरूरत है।
सोशल मीडिया यह हमारी वास्तविक दुनिया से बिल्कुल अलग एक दुनिया है।इसीलिए इस आभासी दुनिया से हटकर हमें वास्तविक दुनिया के आधार पर विषयों को तय करना होगा। साइबर क्राइम करने वाले और इसके भुगत भोगी होने वाले अधिकांश युवा वर्ग के लोग हैं।इसीलिए युवा वर्ग में इंटरनेट से जुड़े क्रियाकलापों के संदर्भ में जागरूक रहने की आवश्यकता है। अन्यथा किसी भी प्रकार की जानकारी या सूचना को प्रसारित करना नुकसानदेह हो सकता है। इसीलिए घटना घटित होने के पूर्व इसके लिए गंभीरता पूर्वक से आत्म चिंतन करने की आवश्यकता है।
खासकर युवाओं को इस आभासी दुनिया से इतर वास्तविक दुनिया के स्तर पर जीने की आवश्यकता है। यदि कोई साइबर क्राइम के शिकार हो जाते हैं तो सर्वप्रथम उन्हें इसकी जानकारी सही अधिकारी तक पहुंचाने की आवश्यकता है।और इससे डरने की किसी भी प्रकार की आवश्यकता नहीं है। कार्यक्रम में संजय मैथेमेटिक्स के निदेशक संजय गुप्ता, संतोष फिजिक्स के निदेशक संतोष सर और अनेकों छात्र छात्राएं उपस्थित थे।