Hazaribagh News: विभावि योग केंद्र के पूर्ववर्ती छात्र बन सकेंगे राष्ट्रीय स्तर पर प्रशिक्षक-निर्णायक
योगासन को एक प्रतिस्पर्धी खेल के रूप में बढ़ावा देने का लिया गया संकल्प
विनोबा भावे विश्वविद्यालय के योग केंद्र के लिए गौरव का क्षण है। यहाँ के चार पूर्ववर्ती छात्र अब राष्ट्रीय योगासन प्रतियोगिताओं में कोच और जज की भूमिका निभाने के लिए अधिकृत हो गए हैं। पतरातू में आयोजित 8 दिवसीय 'झारखंड स्टेट योगासन जजों एवं कोचों का प्रशिक्षण शिविर' में हजारीबाग के 5 लोगों ने सफलता प्राप्त की। इस उपलब्धि के बाद हजारीबाग में 'योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन' की जिला इकाई का गठन किया गया है, जिसका नेतृत्व विनीत सिंह (सचिव) और वर्षा दे व सुरभी सिंह (उपसचिव) करेंगे। यह संस्था भारत सरकार के खेल मंत्रालय से मान्यता प्राप्त 'योगासन भारत' से जुड़ी है।
हजारीबाग: विनोबा भावे विश्वविद्यालय योग केंद्र के पूर्ववर्ती छात्र अब राष्ट्रीय स्तर के योग प्रतियोगिताओं में कोच एवं जज के रूप में अपनी सेवा दे सकेंगे। यह जानकारी देते हुए विभावि योग केंद्र की पूर्ववर्ती छात्रा वर्षा दे ने बताया कि शिविर का आयोजन 'योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन ऑफ झारखंड' के द्वारा किया गया। 'झारखंड स्टेट योगासन जजों एवं कोचों का प्रशिक्षण शिविर' के नाम से इसका आयोजन पतरातू डैम के किनारे अवस्थित मिडवे रिजॉर्ट में किया गया।
शिविर से लौटकर बुधवार को उन्होंने बताया कि यह संस्था' योगासन भारत' तथा 'वर्ल्ड योगासन' से संबद्ध है तथा भारत सरकार का 'युवा मामले एवं खेल मंत्रालय' द्वारा स्वीकृत है। उन्होंने बताया कि कुल आठ दिनों तक शिविर का आयोजन किया गया। इसमें पांच दिन ऑनलाइन और 20 से 22 मार्च को तीन दिन ऑफलाइन प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान खेल के नए नियम एवं तकनीक की पूरी जानकारी दी गई। शिविर में झारखंड के 20 जिलों से कुल 80 प्रशिक्षुओं ने भाग लिया।

बताया कि पतरातू के शिविर में उपस्थित एसोसीएशन के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी, मुख्य सलाहकार विपिन पांडे, सचिव चंदू कुमार, डॉ संतोष, डॉ सुजीत घोषाल, प्रहलाद कुमार, कुबेर सिंह एवं पीपी तिवारी ने सभी सफल प्रशिक्षुओं को बधाई दी। सभी को प्रमाण पत्र तथा स्मृति चिन्ह देकर उत्साहवर्धन किया गया।
