Pakur News: एयरटेल टावर बना 'शोपीस', 5G के दौर में 2G जैसी स्पीड से ग्रामीण परेशान
टावर होने के बावजूद नहीं मिल रहा तेज इंटरनेट
पाकुड़िया प्रखंड के गनपुरा गांव में Airtel का टावर होने के बावजूद ग्रामीणों को खराब नेटवर्क और बेहद धीमी इंटरनेट स्पीड का सामना करना पड़ रहा है। 5G के दावों के बीच यहां की स्थिति 2G जैसी बनी हुई है।
पाकुड़: सरकार और टेलीकॉम कंपनियां एक ओर पूरे देश में 5G सेवा विस्तार का दावा कर रही हैं, वहीं पाकुड़िया प्रखंड के गनपुरा पंचायत की तस्वीर इसके बिल्कुल उलट है। गनपुरा गांव में एयरटेल का टावर स्थापित होने के बावजूद स्थानीय उपभोक्ताओं को न तो बेहतर नेटवर्क मिल पा रहा है और न ही 5G की सुविधा।
ग्रामीणों में गहरा रोष, शुरू हुआ सिम पोर्ट का दौर
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में टावर की भौतिक मौजूदगी केवल एक ऊंचे लोहे के ढांचे तक सीमित रह गई है। मोबाइल स्क्रीन पर नेटवर्क के सिग्नल तो दिखते हैं, लेकिन इंटरनेट की गति इतनी धीमी है कि जरूरी डिजिटल कार्य भी बाधित हो रहे हैं। इस समस्या से तंग आकर अब उपभोक्ताओं का धैर्य जवाब देने लगा है। बेहतर नेटवर्क और 5G सेवा की चाहत में बड़ी संख्या में लोग अपने पुराने एयरटेल सिम को जियो (Jio) में पोर्ट करवा रहे हैं।
छात्रों और व्यापारियों को हो रही भारी किल्लत

क्या कहते हैं ग्रामीण:
गांव में टावर रहने का क्या फायदा जब हमें हाई-स्पीड इंटरनेट के लिए तरसना पड़े। 5G तो दूर, सामान्य कॉलिंग में भी आवाज कटती है। यही कारण है कि हम सिम पोर्ट करवाने को मजबूर हैं।"
