Hazaribag News: संसद के बजट सत्र में दूसरी बार विस्थापितों के हित में बोले सांसद मनीष जायसवाल
जमीन का दर, एसेट वेल्यू, पुनर्वास, मुआवजा ,कट ऑफ डेट एवं कोयला ट्रांसपोर्ट मेकेनाइज्ड करने को लेकर किया सवाल
गुरूवार को संसद के बजट सत्र के दौरान सांसद ने हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के ज्वलंत और गंभीर विषय को बड़े ही बेबाकी से उठाया और सरकार का इस दिशा में ध्यान आकृष्ट कराया।
हजारीबाग: लोकसभा सांसद मनीष जायसवाल ने अपने चुनावी दौरे के दौरान हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के विस्थापन, प्रदूषण, रोज़गार सृजन जैसे गंभीर विषय पर जनता से वादा किया था कि यह उनकी प्राथमिकता रहेगी। सांसद मनीष जायसवाल अपने चुनावी वादे को पूर्ण करते दिख रहे हैं। देश के सर्वोच्च सदन संसद के पटल पर सांसद मनीष जायसवाल हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के विस्थापितों के दर्द को जनता की आवाज बनकर पुरजोर तरीके से लगातार बुलंद कर रहे हैं।
गुरूवार को संसद के बजट सत्र के दौरान सांसद ने हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के ज्वलंत और गंभीर विषय को बड़े ही बेबाकी से उठाया और सरकार का इस दिशा में ध्यान आकृष्ट कराया। सांसद मनीष जायसवाल ने संसद में कहा कि कुछ दिन पहले मैंने अपने क्षेत्र के विस्थापन का विषय रखा था लेकिन महज आधा मिनट का वक्त मिलने के कारण मैं अपनी बात पूर्ण नहीं कर सका और वह अधूरा रह गया। आज पुनः इस गंभीर विषय को रख रहा हूं। हजारीबाग, रामगढ़, चतरा में सीसीएल और एनटीपीसी द्वारा कोयले के खदानों के लिए विस्थापन किया जा रहा है।


साल 2016 से परती रखकर अब जमीन अधिग्रहण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिस दिन से जमीन लिया जा रहा है उसी दिन से कंपनसेशन देना न्यायोचित होगा और कंपनसेशन का कट ऑफ डेट भी बढ़ाया जाना चाहिए। सांसद मनीष जायसवाल ने रोजगार पर चिंता व्यक्त करते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि एनटीपीसी अपने कार्य क्षेत्र में टोटल मैकेनाइज कर रही है। कन्वेयर बेल्ट के माध्यम से खदान से कोयला लाएगी और फिर मशीन के माध्यम से रैंकिंग ऑटोमेटिक तरीके से करेगी।
विस्थापित और प्रभावित क्षेत्र के लोग सिर्फ देखने के लिए और धूल गर्दा खाने के लिए हैं। आज के समय यहां से एनटीपीसी 15 मिलियन टन ट्रांसपोर्ट कर रही है। 2025 में 3 मिलियन टन रोड के जरिए ट्रांसपोर्ट करेगी और 2026 में इसे पूर्णतः खत्म करने की योजना है। कोयले के ट्रांसपोर्ट और ट्रैकिंग में टोटल ऑटोमेटिक किए जाने से इस क्षेत्र के लोगों का रोजगार पूर्णता समाप्त हो जाएगा और बड़ी संख्या में गाड़ियां खरीदने वाले और इसपर आश्रित रहने वाले एक बड़ा तबका बेरोजगार हो जाएगा।
सांसद मनीष जायसवाल ने सदन के माध्यम से कोयला मंत्री से आग्रह किया कि पर्यावरण और स्थानीय लोगों के रोजगार में समन्वय स्थापित कर कार्य करें अन्यथा यहां पेड़ तो बचेगा लेकिन आदमी नहीं बचेंगे। उन्होंने हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के इस अति गंभीर और ज्वलंत मुद्दे पर सरकार से यथाशीघ्र संज्ञान लेने का आग्रह भी किया।
उल्लेखनीय है कि संसद के इसी बजट सत्र के दौरान बीते 13 मार्च 2025 को भी सांसद मनीष जायसवाल ने हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के विस्थापितों की आवाज को मुखरता से सदन में बुलंद किया था और कहा था कि हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र में बरसों से जारी कोयला एवं ऊर्जा परियोजनाओं के कारण हजारों परिवार विस्थापित हो चुके हैं लेकिन आज भी यह परिवार अपने अधिकारों और न्याय के लिए संघर्ष कर रहे हैं ।
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