Sahebganj News: मोटर दुर्घटना मामलों में पुलिस की भूमिका महत्वपूर्ण: प्रधान न्यायाधीश संजय कुमार
वाहनों के बीमा और कागजातों की डीटीओ से जांच पर चर्चा
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अखिल कुमार के मार्गदर्शन में व्यवहार न्यायालय परिसर में मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (MACT) पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। प्रधान न्यायाधीश संजय कुमार उपाध्याय ने पुलिस पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि पीड़ित परिवारों को समय पर मुआवजा दिलाना उनका कानूनी दायित्व है। कार्यक्रम में सड़क दुर्घटना कानूनों में हुए बदलावों और 30 दिनों के भीतर दस्तावेज़ जमा करने की अनिवार्यता पर जोर दिया गया।
साहिबगंज: झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, रांची के निर्देश तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकारी, साहिबगंज अखिल कुमार के मार्गदर्शन में व्यवहार न्यायालय परिसर स्थित लोक अदालत कक्ष में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण विषय पर एक दिवसीय जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय, साहिबगंज संजय कुमार उपाध्याय, जिला न्यायाधीश सह अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश-III शिव करण, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव विश्वनाथ भगत, मुख्यालय पुलिस उपाधीक्षक विजय कुमार कुशवाहा, लोक अभियोजक अनुराग शुक्ला एवं चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. कुमारी स्नेहलता द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए प्रधान न्यायाधीश संजय कुमार उपाध्याय ने कहा कि मोटर दुर्घटना से जुड़े मामलों में थाना प्रभारी एवं पुलिस पदाधिकारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। पीड़ित परिवार को समय पर न्याय दिलाना और मुआवजा सुनिश्चित करना पुलिस का कानूनी दायित्व है। उन्होंने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त वाहनों के कागजातों की डीटीओ से जांच कराना, बीमा कंपनी को समय पर सूचना देना तथा आवश्यक प्रतिवेदन उपलब्ध कराना अनिवार्य है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मुआवजा का उद्देश्य केवल कानूनी प्रक्रिया पूरी करना नहीं, बल्कि पीड़ित परिवार को आर्थिक संबल प्रदान कर उनके जीवनयापन में सहयोग देना है।

