Hazaribagh News: निर्माण, संरक्षण और जन सुविधा पर विशेष फोकस साढ़े चार घंटे चली अहम बैठक
292 करोड़ का बजट पास, विकास की नई दिशा तय
नगर निगम के नए भवन में बुधवार को महापौर अरविंद राणा की अध्यक्षता में पहली बोर्ड बैठक आयोजित की गई, जिसमें 292 करोड़ रुपये का वार्षिक बजट सर्वसम्मति से पारित किया गया। साढ़े चार घंटे चली इस बैठक में शहर के कायाकल्प के लिए 100 दिनों का रोडमैप तैयार किया गया। महापौर ने स्पष्ट किया कि बजट केवल आंकड़ों का खेल नहीं होगा, बल्कि इसका प्रत्यक्ष लाभ जनता को साफ-सफाई, बिजली और पानी के रूप में दिखेगा। बैठक में पार्षदों के सुझावों पर अमल करते हुए फिजूलखर्ची रोकने और हर महीने समीक्षा बैठक करने का निर्णय लिया गया।
हजारीबाग: नगर निगम के नए भवन में बुधवार को आयोजित पहली बोर्ड बैठक में 292 करोड़ रुपये का बजट पारित किया गया। करीब साढ़े चार घंटे तक चली इस बैठक में शहर के समग्र विकास को लेकर व्यापक चर्चा हुई और निर्माण, संरक्षण तथा जन सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए योजनाओं को मंजूरी दी गई। बैठक की शुरुआत पार्षदों के स्वागत और महापौर अरविंद राणा के संबोधन से हुई। महापौर ने कहा कि यह बैठक सिर्फ एक औपचारिक शुरुआत नहीं, बल्कि हजारीबाग के विकास की दिशा और गति तय करने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनता ने बदलाव का जो संदेश दिया है, उसे जमीन पर उतारना ही निगम की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
महापौर ने जोर देते हुए कहा कि बजट में किए गए प्रावधान सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि शहर में साफ-सफाई, सड़क, जल निकासी, प्रकाश व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाओं में वास्तविक बदलाव दिखेगा। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन का निर्देश भी दिया। बैठक के दौरान कई पार्षदों ने बजट के विभिन्न मदों पर अपनी आपत्तियां और सुझाव भी रखे। पार्षदों ने पारदर्शिता और नियमित समीक्षा के लिए हर महीने बोर्ड बैठक आयोजित करने की मांग की, ताकि योजनाओं की प्रगति की लगातार निगरानी की जा सके। नगर निगम के इस बजट को शहर के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे आने वाले समय में हजारीबाग में बुनियादी ढांचे और नागरिक सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।

इसके अलावा अनावश्यक खर्च बंद किए जाएंगे अनावश्यक कर्मचारियों में कटौती की जाएगी और सिर्फ जरूरी इंपैक्टफुल कार्यों पर ही निगम फोकस करेगी बजट में यह भी तय किया है कि जो पैसा आएगा उसका समय उपयोगिता खर्च की जाएगी अधूरे काम और पेंडिंग प्रोजेक्ट नहीं दिए जाएंगे 7 दिनों के अंदर एक दर्जन बिंदुओं पर जो आपत्ति दर्ज की गई है।
