परिवारवाद और जनविरोधी हेमंत सरकार के खिलाफ हुआ मतदान : आदित्य साहू

रांची: बीजेपी के प्रदेश महामंत्री आदित्य साहू ने कहा कि राज्य के दो विधानसभा क्षेत्र दुमका और बेरमो में संपन्न उपचुनाव में बीजेपी की दोनों प्रत्याशी (BJP candidate) बड़े अंतर से चुनाव जीतेंगे. श्री साहू ने क्षेत्र के मतदाताओं का लोकतंत्र के महापर्व में बढ़चढ़कर भाग लेने के लिये मतदाताओं (Voters) का प्रदेश बीजेपी की ओर से आभार प्रकट किया.

उन्होंने शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष (Peaceful and fair) चुनाव संपन्न कराने के लिये चुनाव आयोग और प्रशासन का भी धन्यवाद किया. श्री साहू ने कहा कि दोनों सीटों पर हो रहे उपचुनाव में एक तरफ सरकार तो दूसरी ओर जनता चुनाव लड़ रही थी.जनता ने राज्य सरकार की वादा खिलाफी, विकास विरोधी, युवा विरोधी, महिला विरोधी , किसान विरोधी सरकार के खिलाफ खुलकर मतदान किया है.
राजद्रोह मुकदमा को लेकर जनता में आक्रोश
उन्होंने कहा कि इस उपचुनाव में सरकार का लोकतंत्र विरोधी चेहरा (Anti-democratic face) उजागर हुआ है. बहन बेटियों के साथ बढ़ते बलात्कार और हत्या पर चुप रहने वाली सरकार ने जिस प्रकार से राष्ट्रवादी सोच वाले राजनीतिक कार्यकर्ता, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद दीपक प्रकाश (MP Deepak Prakash) पर राजद्रोह का मुकदमा किया उससे जनता में बड़ा आक्रोश है. लाठी डंडा से बीजेपी कार्यकर्ताओं को खदेड़ने की बात करने वाले को आगामी 10 नवंबर को पता चल जाएगा कि जनता में अपने मताधिकार का प्रयोग कर किसे खदेड़ने का काम किया है.
संवैधानिक मर्यादा टूटनी नहीं चाहिये
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने विकास के कोई कार्य 10 महीनों में नहीं किया. बजट का 20 प्रतिशत खर्च करने वाले जन समस्याओं (Public problems) पर पैसे का बहाना बनाते रहे. क्योंकि इनकी नियत में जनता का विकास है ही नहीं. यह ठगबंधन केवल जनता को धोखा देने और ठगने के लिये बनाया गया गठबंधन है. उन्होंने कहा कि सरकार ने पदाधिकारियों का भी जमकर दुरुपयोग किया है. सरकार आती और जाती है. परंतु संवैधानिक मर्यादाएं (Constitutional limitations) नहीं टूटनी चाहिये.
सत्तापक्ष ने सरकारी तंत्र का किया दुरुपयोग
उन्होंने कहा कि अपनी हार को सुनिश्चित होता देख सत्तापक्ष ने पावर, पैसा और पद का भरपूर दुरुपयोग किया है. जो लोकतंत्र के लिये ठीक नहीं है. परंतु जनता काफी समझदार हो चुकी है. जनता के लोकतंत्र की मजबूती के लिये परिवारवाद और जनविरोधी (Anti-familyism and anti-people) हेमंत सरकार की नीतियों के खिलाफ मतदान किया है.