Sahebganj News: चैती छठ महापर्व की शुरुआत, पारंपरिक आस्था और श्रद्धा के साथ
रोहिणी नक्षत्र और प्रीति योग में होगा उदीयमान सूर्य का वंदन
साहिबगंज जिले में चैती छठ महापर्व का आगाज नहाय-खाय के साथ हो चुका है। सोमवार को खरना के अवसर पर व्रतियों ने 36 घंटे के कठिन निर्जला उपवास का संकल्प लिया। पंडित मुनेंद्र कुमार पांडे के अनुसार, इस वर्ष यह पर्व सर्वार्थ सिद्धि योग और रोहिणी नक्षत्र जैसे शुभ संयोगों में मनाया जा रहा है। श्रद्धालु मंगलवार शाम 6:02 बजे तक डूबते सूर्य को और बुधवार सुबह 5:57 बजे के बाद उगते सूर्य को अर्घ्य देंगे। जिला प्रशासन और स्थानीय समितियों द्वारा गंगा घाटों पर सुरक्षा, रोशनी और साफ-सफाई की व्यापक व्यवस्था की गई है।
साहिबगंज: जिले में चैती छठ महापर्व की शुरुआत पारंपरिक आस्था और श्रद्धा के साथ हो चुकी है। चार दिवसीय इस पर्व का आरंभ रविवार को नहाय-खाय के साथ हुआ, जिसमें व्रतियों ने पवित्र गंगा स्नान कर अरवा चावल, चना दाल और कद्दू की सब्जी ग्रहण किया। सोमवार को खरना के साथ छठ व्रतियों ने छत्तीस घंटे के निर्जला उपवास का संकल्प लिया, जो छठ पर्व का सबसे कठिन और महत्वपूर्ण चरण माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह पर्व सूर्य उपासना और प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने का प्रतीक है। पंडित मुनेंद्र कुमार पांडे के अनुसार, चैत्र शुक्ल पंचमी को कृत्तिका नक्षत्र और सर्वार्थ सिद्धि योग में खरना पूजा संपन्न की जाएगी। इस दिन व्रती पूरे दिन निराहार रहकर संध्या के समय पूजा करते हैं और गुड़-चावल की खीर तथा रोटी का प्रसाद ग्रहण करते हैं।
छठ पर्व का मुख्य अनुष्ठान सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करना होता है। इस वर्ष चैत्र शुक्ल षष्ठी के दिन रोहिणी नक्षत्र और प्रीति योग में अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। श्रद्धालु नदी या तालाब के किनारे डूबते सूर्य को अर्घ्य अर्पित करेंगे। अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने का समय शाम 6:02 बजे तक रहेगा, जबकि उदीयमान सूर्य को अर्घ्य प्रातः 5:57 बजे के बाद दिया जाएगा। प्रखंड मुख्यालय में छठ महापर्व को लेकर व्यापक तैयारियां की गई हैं। घाटों की साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं।
