सरना धर्म कोड की मांग हुई तेज, सड़क पर उतरा आदिवासी समाज

रांची: सरना धर्म कोड (Sarna Dharma Code) की मांग लगातार तेज होती जा रही है. 2021 के होने वाला जनगणना (2021 census) में सरना धर्म कोड की कॉलम हो उसके लिए राज्यव्यापी आंदोलन (Statewide movement) किया गया. प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में आदिवासी संगठनों द्वारा रैली निकाली गई. सरना धर्म गुरु तिग्गा एवं डॉ. करमा के नेतृत्व में राजधानी रांची के हरमू मैदान और शिवा कच्छप के नेतृत्व में पिस्का मोड़ से रैली निकाला गया.

जनगणना में कॉलम नहीं होने कारण कुछ अदिवासियों की गिनती हिन्दू में और कुछ इसाईयों में होती है. अगर जनगणना से पहले अलग धर्मकोड नहीं मिला तो पूरा आदिवासी समाज वोट नहीं देगा. आपको बता दें कि राज्यव्यापी आदोलन को विभिन्न आदिवासियों संगठनों (Tribal organizations) ने अपना समर्थन दिया है. राष्ट्रीय आदिवासी धर्म समन्वय समिति के संयोजक देव कुमार धान ने कहा कि सन 1871 से 1951 तक आदिवासियों के लिए अलग आदिवासी धर्म कोड लागू था. लेकिन, 1961 में साजिश के तहत इसे हटा दिया गया.