पहली मानसून में ही स्टेचू ऑफ़ यूनिटी की गैलरी में भरा बारिश का पानी
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लगभग 3 हज़ार करोड़ की लागत से बनी दुनिया की सबसे ऊँची मूर्ति स्टेचू ऑफ़ यूनिटी एक बार फिर से चर्चे में है। इस बार इस मूर्ति का चर्चा में होना उसकी ऊंचाई या खूबसूरती नही है, बल्कि पहली मानसून में ही हो रही वाटर लॉगिंग इसके चर्चा का विषय बनी हुई है। पिछले साल अक्टूबर में प्रधानमंत्री मोदी ने स्टेचू ऑफ़ यूनिटी का उद्घाटन किया था।
हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें स्टेचू ऑफ़ यूनिटी की गैलरी में बारिश का पानी इकट्ठा हुआ नज़र आ रहा है और इसी कारण लोग सोशल मीडिया पर इसकी जम कर आलोचना कर रहे हैं। दरअसल सरदार वल्लभभाई पटेल की 182 मीटर ऊंची मूर्ति देखने आए पर्यटकों ने ये वीडियो अपलोड किया था।
न्यूज़ एजेंसी PTI से बात करते हुए एक पर्यटक ने कहा हम बहुत उम्मीद से दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति देखने आए थे, मगर बारिश में मूर्ति को देखकर बुरा लग रहा है। अभी तो बारिश इतनी तेज़ और ज़्यादा हुई भी नहीं है और मेन हॉल और viewing गैलरी में पानी भर गया है, ये बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।

इस घटना पर टिपण्णी करते हुए नर्मदा ज़िले के कलेक्टर आई.के पटेल, जो प्रतिमा के मुख्य प्रशासक भी हैं, ने कहा कि गैलरी में पानी आना स्वभाविक था। साथ में उन्होंने ये भी बताया कि अतिरिक्त पानी निकालने के लिए चैनल बना हुआ है।इसके साथ ही उन्होंने कहा कि गैलरी सामने की तरफ़ खुली है और ग्रिल्स लगे हैं, जबकि पीछे की तरफ़ शीशा लगा हुआ है। ऐसे में बारिश के वक़्त सामने से गैलरी में पानी आना स्वभाविक है। बारिश के पानी को निकालने के लिए एक चैनल बना हुआ है, लेकिन जब हवा बहुत तेज़ होती है तो बहुत पानी आ जाता है और कर्मचारियों को लगातार पानी निकालना पड़ता है। छत टपकने या रिसाव जैसी कोई बात नहीं।
Edited By: Samridh Jharkhand