मानव तस्करों की जाल से छह नाबालिग लड़कियों को पुलिस ने कराया मुक्त

लातेहार: कोरोना महामारी (Corona epidemic) ने अपनी असर से हर क्षेत्र को प्रभावित किया है. इसके कारण कितने लोगों की रोजगार चला गया है. अपने-जीवन यापन के लिए लोग राज्य छोड़कर दूसरे राज्य में पलायन (Getaway) कर रहे हैं. रोजगार दिलाने के नाम पर राज्य से लगातार मानव तस्करी की मामला पहले भी सामने आया है.

अभी ये मामला शांत भी नहीं हुआ था कि एक बार फिर लातेहार जिला के मनिका से मानव तस्करी मामला प्रकाश में आया है. मिली जानकारी के अनुसार एनएच 75 पर हाईस्कूल(High School on NH 75) के समीप एक बोलेरो से कहीं ले जा रही छह नाबालिग लड़कियों को पुलिस ने मानव तस्करों के साथ पकड़ा.
थाना प्रभारी प्रभाकर मुंडा (Station in-charge Prabhakar Munda) को गुप्त सूचना मिली थी कि नाबालिग आदिवासी लड़कियों (Minor tribal girls) को काम दिलाने के नाम पर दलाल राज्य से बहार ले जाने के फिराक में हैं. इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने एनएच 75 पर वहान चेकिंग अभियान चलाया. और इस वाहन चेकिंग अभियान (Vehicle checking campaign) में उक्त बोलेरो को जब्त किया गया. पुलिस ने मौके पर दो मानव तस्करों वीरेंद्र उरांव और इंद्रदेव उरांव को गिरफ्तार किया.
थाना प्रभारी ने लड़कियों से पूछताछ की तो सभी ने बताया कि शादी में जा रहे हैं. थाना प्रभारी ने जब कड़ाई से पूछताछ किया तो लड़कियों ने बताया कि मजदूरी के लिए दूसरे राज्य जा रहीं हैं. पुलिस ने सभी थाना लाकर परिजनों से बात की. परिजनों ने कहा कि हमारी सहमति से लड़कियों को रोजगार (Employ girls) के तलाश में बाहर भेज रहें हैं.
परिजनों ने कहा कि यहां कोई काम धंधा नहीं मिलने के कारण मजबूरी में उन्हें भेजा जा रहा था. इस पर थाना प्रभारी ने दोनों मानव तस्करों को फटकार लगाते हुए कहा कि नाबालिगों को काम पर लगाना गैर कानूनी है. बाहर भेजने के लिए जिला श्रम विभाग से निबंधन (Registration with Labor Department) कराना आवश्यक है. बाद में उन्हें कड़ी चेतावनी देकर छोड़ दिया गया. छापामारी अभियान में एसआई करण कुमार यादव, कैलाश बाड़ा, शिल्पी भगत व संजय मंडल समेत कई पुलिसकर्मी शामिल थे.