पश्चिम बंगाल के बार्डर तक गाड़ी से और झारखंड में पैदल आ रहे हैं आलू की फसल तैयार करने वाले मजदूर
दुमका : कोरोना महामारी में लागू लाॅकडाउन ने गरीबों-मजदूरों की स्थिति खराब कर दी है. पश्चिम बंगाल के कई इलाकों में झारखंड से मजदूर आलू की तैयार फसल को खेत से निकालने जाते हैं. ऐसे ही मजदूरों का एक दल बंगाल में पिछले दो महीने से फंसा हुआ था. दुमका के रामगढ प्रखंड के ये मजूदर वर्द्धमान जिले में आलू की फसल खेत से निकालने गये थे. नौ लोगों का यह दल मार्च महीने में आठ तारीख को पश्चिम बंगाल गया था.
इस दल में शामिल 18 साल के दुर्गा टुडू ने बताया कि हमलोगों को आलू निकालने के 140 रुपये प्रतिदिन की हाजिरी मिलती है, हमने वहां कुछ दिन काम किया लेकिन उसके बाद लाॅकडाउन लग गया जिसमें हम फंस गए. दुर्गा का कहना है कि उन्हें वहां कुछ जरूरी चीजें प्रशासन की ओर से मिल जाती थीं. उन्होंने बताया कि वे बंगाल के हिस्से में किसी गाड़ी से आए, लेकिन फिर झारखंड की सीमा में शिकारीपाड़ा के निकट से पैदल ही चल रहे हैं. इन लोगों को दुमका जिले के रामगढ प्रखंड जाना है.



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