JSSC CGL EXAM: सीएम हेमंत का सख्त दिशा निर्देश का दिखा असर, 823 परीक्षा केंद्रों में कोई अप्रिय घटना नहीं
21 और 22 सितंबर को रही थी इंटरनेट बंद
मुख्यमंत्री ने जेएसएससी- सीजीएल को लेकर कहा था- "किसी भी कीमत पर झारखण्ड के युवाओं की मेहनत के साथ कोई खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं है। मैं फिर दोहरा रहा हूँ, सावधान कर रहा हूँ कि कोई गलती से भी कोई गलत करने की कोशिश न करें।"
रांची: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन द्वारा दिए गए सख्त दिशा निर्देशों का पालन करते हुए झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की ओर से 21 एवं 22 सितंबर 2024 को झारखण्ड सामान्य स्नातक योग्यताधारी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा, 2023" निष्पक्ष, कदाचार मुक्त और शांतिपूर्वक आयोजित हुई। राज्य के सभी जिलों में बनाए गए 823 परीक्षा केंद्रों में सफ़लता पूर्वक परीक्षा आयोजित होने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में युवाओं के भविष्य के साथ के साथ किसी प्रकार का खिलवाड़ नहीं हो, इसके लिए सरकार प्रतिबद्ध है। प्रतियोगिता परीक्षाओं में पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता बरते जाने के सख्त निर्देश अधिकारियों को पहले ही दिए जा चुके हैं। उन्होंने कहा था- "किसी भी कीमत पर झारखण्ड के युवाओं की मेहनत के साथ कोई खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं है। मैं फिर दोहरा रहा हूँ, सावधान कर रहा हूँ कि कोई गलती से भी कोई गलत करने की कोशिश न करें।"
एसओपी का हर हाल में हो पालन दिए थे सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री ने जेएसएससी- सीजीएल परीक्षा के सफल संचालन को लेकर 19 सितंबर को वरीय अधिकारियों एवं सभी जिलों के उपायुक्तों एवं पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उच्च स्तरीय बैठक की थी। उन्होंने अधिकारियों से स्पष्ट कहा था कि सीजीएल परीक्षा में जेएसएससी द्वारा जारी रूल्स का उल्लंघन नहीं हो, इसे हर हाल में सुनिश्चित करें। इसके साथ जेएसएससी द्वारा बनाए एसओपी का पूरी सख्ती से पालन हो। मुख्यमंत्री ने हर स्तर पर सतत निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ सोशल मीडिया साइट्स की मॉनिटरिंग तथा अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री के इन निर्देशों की वजह से ही लंबे समय से लंबित जेएसएससी- सीजीएल परीक्षा आज सभी परीक्षा केंद्रों पर सफलतापूर्वक संपन्न हुई ।
परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के थे इंतजाम


होटल , रेस्टोरेंट हॉस्टल, गेस्ट हाउस और लॉज में हुई व्यापक छापेमारी
मुख्यमंत्री ने जेएसएससी- सीजीएल में पेपर लीक की संभावनाओं को रोकने के लिए सख्त हिदायतें दी थी। उन्होंने कहा था कि पेपर लीक के मामले किसी भी कीमत पर नहीं होनी चाहिए। अगर इस तरह का कोई भी मामला सामने आएगा तो इसमें संलिप्त लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री के इन हिदायतों के बाद सभी जिलों में अवस्थित होटलों, रेस्टोरेंट, लॉज और गेस्ट हाउस में परीक्षा आयोजन के पहले लगातार छापेमारी अभियान चलाया गया। इस दौरान यहां ठहरे लोगों से पूरी गहनता के साथ पूछताछ भी हुई। सरकार द्वारा राज्य सरकार द्वारा उठाए गए इन कदमों की वजह से जेएसएससी- सीजीएल परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न करने में कामयाबी मिली।
हजारीबाग में दो अभ्यर्थियों द्वारा लगाए गये आरोप निराधार
हजारीबाग जिले के जैक एंड जिल स्कूल, सिंघानी, परीक्षा केंद्र में परीक्षा शुरू होने के कुछ देर बाद कक्ष संख्या 9 एवं कक्ष संख्या 13 में दो विद्यार्थियों द्वारा लगाए गए तथाकथित आरोपों को लेकर केन्द्राधीक्षक उन परीक्षा कक्षों में पहुंचकर अन्य अभ्यर्थियों से पूरी जानकारी हासिल की, जिसमे उनके द्वारा लगाए गए आप निराधार पाए गए। यह भी अवगत कराया गया कि जेएसएससी एवं जिला स्तर से दिए गए सभी निर्देशों एवं एसओपी का इस परीक्षा केंद्र में केंद्र अधीक्षक एवं सभी वीक्षकों के द्वारा कड़ाई से अनुपालन किया गया है।
मुख्यमंत्री के प्रयासों की वजह से 8 वर्षों बाद सीजीएल- 2023 सफलतापूर्वक हुई आयोजित
मुख्यमंत्री के अथक प्रयासों का नतीजा रहा कि लगभग 8 वर्षों से लंबित झारखण्ड सामान्य स्नातक योग्यताधारी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा, 2023" शांतिपूर्ण कदाचार रहित और पारदर्शी तरीके से आयोजित हुई। ज्ञात हो कि पिछले 8 वर्षों से इस परीक्षा के आयोजन को लेकर किसी न किसी तरह का विवाद होता रहा, जिस वजह से यह परीक्षा आयोजित करने में कई अड़चने आती रही। इसी वर्ष 28 जनवरी को पेपर लीक होने का मामला सामने आने के बाद इस परीक्षा को रद्द कर दिया गया था। लेकिन मुख्यमंत्री जेएसएससी - सीजीएल परीक्षा की प्रक्रिया पूरी करने को लेकर लगातार नजर रख रहे थे, ताकि बड़ी संख्या में युवाओं को नौकरी देने के प्रति प्रतिबद्धता को पूरा किया जा सके।
Senior Technical Editor | Writer | Asst. Editor, Political, Geopolitical & Social Affairs
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