अग्रवाल बंधु हत्याकांड: मुख्य साजिशकर्ता लोकेश चौधरी के बॉडीगार्ड की जमानत याचिका हाईकोर्ट ने की खारिज
पैसों के लेनदेन में की गयी थी अग्रवाल बंधुओं की हत्या
गोली बॉडीगार्ड धर्मेंद्र तिवारी के राइफल से ही चली थी. पुलिस ने घटनास्थल से बरामद खोखा एवं धर्मेंद्र के राइफल दोनों की जांच की थी. इस हत्याकांड में अपर न्यायायुक्त विशाल श्रीवास्तव की अदालत ने जून 2023 में लोकेश कुमार चौधरी, सुनील सिंह एवं धर्मेंद्र कुमार तिवारी को उम्र कैद की सजा सुनाई थी.
रांची: अग्रवाल बंधु हत्याकांड के मुख्य साजिशकर्ता लोकेश चौधरी के बॉडीगार्ड धर्मेंद्र तिवारी की जमानत याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है. इस मामले में आज झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. बता दें कि इस मामले में पिछले साल 30 जून को रांची सिविल कोर्ट ने लोकेश चौधरी और धर्मेंद्र तिवारी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. जिसके खिलाफ बॉडीगार्ड धर्मेंद्र तिवारी ने हाईकोर्ट में अपील याचिका दायर की थी. सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने उसे राहत देने से इनकार कर दिया और अपील याचिका खारिज कर दी. पैसों के लेन-देन में हेमंत अग्रवाल और महेंद्र अग्रवाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.
बता दें कि धर्मेंद्र सेना से रिटायर हो चुका था और लोकेश चौधरी के अंगरक्षक के तौर पर काम करता था. उस पर आरोप है कि लोकेश चौधरी के निर्देश पर अंगरक्षक धर्मेंद्र तिवारी ने अपनी बंदूक से फायरिंग कर हेमंत अग्रवाल और महेंद्र अग्रवाल की हत्या कर दी थी. पुलिस जांच में पता चला कि गोली धर्मेंद्र तिवारी की राइफल से ही चली थी. पुलिस ने घटनास्थल से बरामद खोखा और धर्मेंद्र की राइफल दोनों की जांच की थी. बता दें कि इस हत्याकांड में अपर न्यायायुक्त विशाल श्रीवास्तव की अदालत ने जून 2023 में लोकेश कुमार चौधरी, सुनील सिंह एवं धर्मेंद्र कुमार तिवारी को उम्र कैद की सजा सुनाई थी.
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