Giridih News: बसखारो के कवि पंकज प्रियम ने बनाया 5वां वर्ल्ड रिकॉर्ड, जिले का बढ़ाया मान
24 घंटे ऑनलाइन दुर्गायन काव्यार्चन का आयोजन
गिरिडीह के बसखारो निवासी युवा कवि पंकज प्रियम ने साहित्य के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए पांचवां वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किया है।
गिरिडीह: गिरिडीह के बसखारो निवासी युवा कवि पंकज प्रियम को साहित्य कला संस्कृति के क्षेत्र उल्लेखनीय कार्य हेतु यूएन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज किया गया है। गत 21-22 मार्च को 24 घण्टे लगातार ऑनलाइन दुर्गायन अखण्ड काव्यार्चन के आयोजन और पांचवे महाकाव्य ग्रन्थ दुर्गायन के लिए यह सम्मान दिया गया है। उन्होंने इस सम्मान से इस क्षेत्र के साथ साथ पूरे गिरिडीह जिले का नाम रोशन किया है। प्रियम बसखारो के सेवानिवृत्त शिक्षक भागवत पाठक के पुत्र हैं।
गौरतलब है कि दुर्गायन अखण्ड काव्यार्चन में दुनियाभर के ढाई सौ से अधिक लब्धप्रतिष्ठ रचनाकारों ने प्रस्तुति दी थी जिसमें विश्व कल्याण और मौजूदा वैश्विक संकट के निदान हेतु कामना की गई थी। इस आयोजन हेतु सभी रचनाकारों को आद्याशक्ति और वीणा दीप सम्मान दिया गया। साहित्योदय पिछले कई वर्षों दुनियाभर में साहित्य कला संस्कृति और सामाजिक क्षेत्र में कार्यरत है। अबतक 5 हजार से अधिक रचनाकार और कलाकारों को मंच प्रदान कर चुका है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अबतक सैकड़ो ऑनलाइन और मंचीय कार्यक्रम कर साहित्य क्षितिज पर अपना परचम लहरा चुका है। साहित्योदय नवोदित और गुमनाम साहित्य प्रतिभाओं को वैश्विक पहचान दे रहा है।

पंकज प्रियम विगत कई बर्षो से लेखन व पत्रकारिता से जुड़े रहे। उनकी कई कविता और कहानी देश विदेश में प्रकाशित हो चुकी है। उन्होंने 50 से अधिक पुस्तकों का लेखन और सम्पादन किया है। इससे पूर्व उन्हें 4 वर्ल्ड रिकॉर्ड पुरस्कार मिल चुका है।
