म्यूटेशन नियम में बदलाव जनविरोधी, भ्रष्टाचार को मिलेगा बढ़ावा : सुरेश साव
जमीन रजिस्ट्री के बाद नए म्यूटेशन नियम पर भाजपा का कड़ा विरोध
म्यूटेशन नियम में बदलाव को लेकर भाजपा ने सरकार पर भ्रष्टाचार बढ़ाने का आरोप लगाया।
गिरिडीह: झारखंड सरकार द्वारा जमीन रजिस्ट्री के बाद दाखिल–खारिज (म्यूटेशन) प्रक्रिया में किए गए बदलाव को लेकर भाजपा ने कड़ा एतराज जताया है। भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सुरेश साव ने सोमवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर राज्य सरकार के फैसले को जनविरोधी और अव्यावहारिक बताया। उन्होंने कहा कि नए नियम के तहत जमीन रजिस्ट्री के बाद अब म्यूटेशन के लिए दोबारा आवेदन नहीं किया जा सकेगा। यदि कोई व्यक्ति प्रज्ञा केंद्र या साइबर कैफे के माध्यम से आवेदन करने का प्रयास करता है तो झारभूमि पोर्टल पर मौजा, प्लॉट और खाता नंबर डालने के बावजूद आवेदन स्वीकृत नहीं होगा।

उन्होंने कहा कि विभागीय कर्मचारी पहले से ही छोटी-छोटी तकनीकी कमियों का हवाला देकर आम लोगों को ब्लॉक कार्यालय के चक्कर काटने को मजबूर करते रहे हैं। अब नया नियम लागू होने से स्थिति और भी गंभीर हो जाएगी। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि हेमंत सोरेन सरकार भ्रष्टाचार में इतनी लिप्त हो चुकी है कि उसे सही और गलत का फर्क नहीं दिख रहा है। उन्होंने दावा किया कि सरकार नए कानून के जरिए जमीन अधिग्रहण की मंशा बना रही है और झारखंड की जनता को गुमराह कर रही है।
