Hazaribagh News: 10 साल का इंतजार और छात्रों का फूटा गुस्सा, JTET परीक्षा न होने पर फूंका सरकार का पुतला
सचिवालय घेराव की दी चेतावनी: आंदोलन को राज्यव्यापी बनाने का ऐलान
हजारीबाग में झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) के पिछले 10 वर्षों से न होने के विरोध में अभ्यर्थियों ने सड़क पर उतरकर मोर्चा खोल दिया है। जिला परिषद चौक पर मुख्यमंत्री का पुतला फूंकते हुए प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार की उदासीनता के कारण लाखों बीएड और डीएड डिग्री धारक युवा 'ओवरएज' हो रहे हैं। छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही परीक्षा का विज्ञापन जारी नहीं हुआ, तो यह आंदोलन राज्यव्यापी उग्र प्रदर्शन और सचिवालय घेराव का रूप ले लेगा।
हजारीबाग: शिक्षक बनने का सपना देख रहे लाखों युवाओं के सब्र का बांध अब टूट गया है। पिछले एक दशक से ‘झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा’ (JTET) का आयोजन न होने के विरोध में हजारीबाग के अभ्यर्थियों ने सड़क पर उतरकर मोर्चा खोल दिया। जिला परिषद चौक पर बड़ी संख्या में जुटे छात्रों ने राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया। अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकार की अनदेखी ने एक पूरी पीढ़ी के भविष्य पर सवालिया निशान लगा दिया है।

सरकार की उदासीनता के खिलाफ आर-पार की जंग पुतला दहन के दौरान छात्रों ने राज्य सरकार पर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। अभ्यर्थियों ने कहा कि पड़ोसी राज्यों में नियमित अंतराल पर पात्रता परीक्षाएं हो रही हैं, लेकिन झारखंड में शिक्षा विभाग और सरकार इस गंभीर मुद्दे पर मौन साधे हुए हैं। छात्रों ने चेतावनी दी है कि यह प्रदर्शन तो महज एक शुरुआत है, यदि सरकार ने जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए तो यह आंदोलन सचिवालय घेराव और राज्यव्यापी उग्र प्रदर्शन का रूप ले लेगा।
छात्रों की मुख्य मांग है कि सरकार अविलंब JTET परीक्षा की तिथि घोषित करे और इसके लिए आधिकारिक विज्ञापन जारी किया जाए। अभ्यर्थियों ने स्पष्ट किया कि अब वे केवल आश्वासन से मानने वाले नहीं हैं। प्रदर्शन के अंत में छात्रों ने जिला प्रशासन के माध्यम से सरकार तक अपनी मांगें पहुंचाईं और कहा कि यदि समय रहते समाधान नहीं निकला तो आगामी चुनाव में युवा अपनी नाराजगी का परिचय देंगे।
