Deoghar News: शिक्षक पात्रता परीक्षा 2026 में उर्दू हटाने पर बवाल, छात्रों में आक्रोश
अन्य राज्यों में उर्दू को मिला है क्षेत्रीय भाषा का दर्जा
झारखंड में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) 2026 की अधिसूचना में उर्दू भाषा को क्षेत्रीय भाषा से हटाने पर विवाद बढ़ गया है। उर्दू पढ़ने वाले छात्रों में इस फैसले को लेकर नाराजगी देखी जा रही है।
देवघर: शिक्षक पात्रता परीक्षा, 2026 अधिसूचना में उर्दू भाषा को क्षेत्रीय भाषा से हटाने को लेकर पूरे राज्य के उर्दू पढ़ने वाले छात्रों में रोष देखने को मिल रहा है । जिसको लेकर झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी की सचिव शबाना खातून ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर झारखंड सरकार से शिक्षक पात्रता परीक्षा, 2026 नियमावली में संशोधन कर उर्दू भाषा को क्षेत्रीय भाषा में शामिल करने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि शिक्षक पात्रता परीक्षा 2026 में उर्दू भाषा को शामिल नहीं करना छात्रों के साथ अन्याय है, सरकार के इस निर्णय से उर्दू पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं का भविष्य इससे प्रभावित हो रहा है, इसके पूर्व के अधिसूचना में उर्दू भाषा को क्षेत्रीय भाषा में रखा गया था परंतु अधिसूचना 2026 में इसे हटा देना दुर्भाग्यपूर्ण है, उर्दू केवल एक भाषा नहीं बल्कि हमारी संस्कृतिक पहचान और मान्यता है जिसे अन्य राज्यों में सम्मान मिला। पश्चिम बंगाल और बिहार में उर्दू को द्वितीय क्षेत्र भाषा का दर्जा प्राप्त है।

उन्होंने झारखंड राज्य के लोकप्रिय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, झारखंड प्रदेश कांग्रेस प्रभारी के० राजू, पूर्व सांसद फुरकान अंसारी से मांग की है कि इस विषय में तुरंत गंभीरता से लेकर विचार करें और अधिसूचना को संशोधित कर उर्दू भाषा को शामिल करने का प्रावधान करें।
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