Bokaro News: डॉक्टर अशोक कुमार पंडा का जूनियर आफिसर से सेल सीएमडी तक का सफर
2012 में कॉस्ट मैनेजमेंट में उत्कृष्टता हेतु ‘जवाहर पुरस्कार’ से सम्मानित
स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) के नए सीएमडी के रूप में डॉ. अशोक कुमार पंडा का चयन हो गया है। 17 अगस्त 1992 को राउरकेला स्टील प्लांट में बतौर असिस्टेंट मैनेजर अपने करियर की शुरुआत करने वाले डॉ. पंडा ने अपनी मेहनत और तकनीकी व वित्तीय विशेषज्ञता के दम पर यह मुकाम हासिल किया है। वर्तमान में वे डायरेक्टर (फाइनेंस) का कार्यभार संभाल रहे हैं। कर्मचारियों और ट्रेड यूनियनों को उम्मीद है कि खुद समय पर प्रमोशन पाने वाले डॉ. पंडा कर्मियों के बकाया एरियर और वेलफेयर से जुड़े मुद्दों का जल्द समाधान करेंगे।
बोकारो: स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड-सेल के नए सीएमडी डाक्टर अशोक कुमार पंडा का चयन हो चुका है। कैबिनेट से मंजूरी मिलते ही वह कार्यभार संभाल लेंगे। फिलहाल, डायरेक्टर फाइनेंस के रूप में कामकाज देख रहे हैं। सोमवार को सेल कारपोरेट आफिस में भव्य स्वागत समारोह की तैयारी है।डाक्टर अशोक कुमार पंडा का सफर 1992 में राउरकेला स्टील प्लांट से शुरू हुआ। जूनियर आफिसर से सेल सीएमडी तक का सफर तय करने वाले ए के पंडा को हर चार साल में प्रमोशन मिलता गया। तरक्की का राह आसान रही। यही वजह है कि सीएमडी की कुर्सी तक अपने काम के बल पर पहुंच गए हैं।
इधर-सेल के ट्रेड यूनियन और कर्मचारियों का स्पष्ट रूप से कहना है कि नए सीएमडी को कर्मचारियों के वेलफेयर पर भी काम करना होगा। बकाया एरियर 39 माह के एरियर, बोनस फॉर्मूला सुधारने, एचआरए, इंसेंटिव आदि मुद्दों पर भी कर्मचारी हित में फैसला लेना होगा, ताकि सेल के प्लांट और खदान में बेहतर माहौल बन सके। सेल सीएमडी को इस बात का एहसास होगा कि कार्मिकों को समय पर तरक्की और लाभ मिलने से क्या फायदे होते हैं, क्योंकि वह खुद हर 4 साल में प्रमोशन पाते रहे हैं।

अपनी मेहनत, प्रतिबद्धता और समर्पण के दम पर डॉ. पंडा ने तेजी से पदोन्नति हासिल की। वर्ष 2018 में उन्हें जनरल मैनेजर (बाद में पदनाम बदलकर चीफ जनरल मैनेजर) बनाया गया और नई दिल्ली स्थित कॉर्पोरेट कार्यालय में पदस्थ किया गया। वर्ष 2021 में उनका तबादला भिलाई स्टील प्लांट में सीजीएम (फाइनेंस) इंचार्ज के रूप में हुआ, जहां उन्हें जल्द ही कार्यकारी निदेशक (फाइनेंस एंड अकाउंट्स) के पद पर पदोन्नत किया गया। सेल में निदेशक (वित्त) का पद संभालने से पहले वे नई दिल्ली स्थित कॉर्पोरेट कार्यालय में ईडी (एफ एंड ए) के रूप में कार्यरत थे।
अब नए सीएमडी के रूप में चयन हो चुका है।डॉ. पंडा को उनके मजबूत वित्तीय एवं तकनीकी ज्ञान और सक्रिय कार्यशैली के लिए जाना जाता है। उनकी विशेषज्ञता वित्तीय लेखांकन, लागत निर्धारण व बजटिंग, बिजनेस प्लानिंग, ट्रेजरी संचालन, कराधान और रणनीतिक प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में फैली हुई है। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने सेल की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व में कर्ज कम करने (डिलेवरेजिंग), लागत में कमी, रेल प्राइसिंग रणनीति, स्थायी संपत्तियों की बिक्री नीति, टैक्स ऑप्टिमाइजेशन, ई-इनवॉइसिंग लागू करने और सभी इकाइयों में डिजिटल इनवॉइसिंग शुरू करने जैसे महत्वपूर्ण कदम उठाए गए, जिससे पारदर्शिता और कार्यक्षमता में वृद्धि हुई।
कॉर्पोरेट जिम्मेदारियों के अलावा, डॉ. पंडा ने सेल के कई संयुक्त उपक्रमों और सहायक कंपनियों के बोर्ड में नामित निदेशक के रूप में भी कार्य किया, जिससे कंपनी की वित्तीय गवर्नेंस को मजबूती मिली।वित्त के अलावा, खनन, प्लांट संचालन और परियोजनाओं के क्षेत्र में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए उन्हें वर्ष 2012 में कॉस्ट मैनेजमेंट में उत्कृष्टता हेतु ‘जवाहर पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। डॉ. पंडा ने प्रशिक्षण कार्यक्रमों और व्यावसायिक बैठकों के लिए देश-विदेश की व्यापक यात्राएं की हैं और विभिन्न राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय संस्थानों से कई महत्वपूर्ण प्रशिक्षण प्राप्त किए हैं।
इनका सफर
17 अगस्त 1992: असिस्टेंट मैनेजर
30 जून 1996: डिप्टी मैनेजर
30 जून 2000: मैनेजर
30 जून 2003: सीनियर मैनेजर
30 जून 2006: एजीएम
30 जून 2010: डीजीएम
30 जून 2014: जीएम
30 जून 2018: सीजीएम
15 जून 2022: ईडी फाइनेंस
2 मई 2025: डायरेक्टर फाइनेंस का चार्ज
28 मार्च 2026: सेल के सीएमडी के रूप में चयन हुआ ।
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