यूपी के भी दो करोड़ से अधिक किसानों के खाते में आया सम्मान निधि का पैसा

फार्मर रजिस्ट्री की तरफ कृषि विभाग ने बढ़ाएं कदम 

यूपी के भी दो करोड़ से अधिक किसानों के खाते में आया सम्मान निधि का पैसा

पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ वास्तविक किसानों तक पहुंचाने और व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से अब फार्मर रजिस्ट्री की तरफ कृषि विभाग ने कदम बढ़ाएं हैं। दिसंबर में मिलने वाली पीएम किसान की किस्त अब सिर्फ उन्हीं कृषकों को मिलेगी, जिनकी फार्मर रजिस्ट्री तैयार होगी।

लखनऊ: पीएम किसान सम्मान निधि की 17 वीं किस्त उत्तर प्रदेश के 2.09 करोड़ किसानों के खाते में भी पहुँच गई है। किसानों को भेजी गई सम्मान निधि की कुल राशि 4376.67 करोड़ रुपए है। 17वीं किस्त सिर्फ उन्हीं किसानों के खाते में भेजी गई है, जिन्होंने केवाईसी की प्रक्रिया को पूरा किया था। इससे पहले बीते 28 फरवरी को प्रदेश के किसानों को 16वीं किस्त के रूप में दो करोड़ से अधिक की यह राशि भेजी गई थी, जबकि 15वीं किस्त का लाभ 1.76 करोड़ किसानों को ही मिल सका था। 

पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ वास्तविक किसानों तक पहुंचाने और व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से अब फार्मर रजिस्ट्री की तरफ कृषि विभाग ने कदम बढ़ाएं हैं। दिसंबर में मिलने वाली पीएम किसान की किस्त अब सिर्फ उन्हीं कृषकों को मिलेगी, जिनकी फार्मर रजिस्ट्री तैयार होगी।
   
उत्तर प्रदेश के अपर कृषि निदेशक वीके सिसोदिया ने बताया कि किसानों की फार्मर रजिस्ट्री तैयार होने के बाद उन्हें सिर्फ पीएम किसान ही नहीं केसीसी, फसल बीमा, एमएसपी, कृषि इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड जैसी योजनाओं के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। किसानों का डिजिटल डेटा तैयार होने के बाद सरकारी योजनाओं का लाभ उन तक सुचारू रूप से पहुंचने लगेगा। सिसोदिया ने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री में किसानों के बैंक खाते की आधार सीडिंग के साथ ही उनकी जमीन का ब्योरा भी सहेजा जाएगा और इस डिजिटल डेटा को समय-समय पर अपडेट किया जाएगा।


   
किसानों को कोई परेशानी नहीं हो, इसके लिये सरकार एक जुलाई से फार्मर रजिस्ट्री के लिए अभियान एग्रीस्टैक (डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर फार एग्रीकल्चर) योजना के तहत किसानों की फार्मर रजिस्ट्री तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर रही है। यह अभियान दो चरणों में चलेगा। पहले चरण में एक जुलाई से 31 जुलाई तक स्थानीय कार्मिकों के माध्यम से सघन अभियान चलाया जाएगा। वहीं, एक अगस्त से इसे किसानों के लिए खुला छोड़ दिया जाएगा। 

जिससे किसान खुद मोबाइल एप के माध्यम से या जन सुविधा केंद्रों में जाकर फार्मर रजिस्ट्री तैयार कर सकेंगे। फार्मर रजिस्ट्री में किसान व उसके पिता का नाम, उसके स्वामित्व वाले सभी गाटा संख्या, सह खातेदार होने की स्थिति में गाटे में किसान का अंश, मोबाइल नंबर, आधार संख्या व ई-केवाइसी का विवरण दर्ज किया जाएगा। बता दें कि सबसे पहले फर्रुखाबाद में पायलट प्रोजेक्ट के तहत 1,85,634 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री तैयार की गई थी। अब इसे पूरे प्रदेश में लागू करने का निर्णय लिया गया है।

Edited By: Samridh Jharkhand

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