Sahebganj News: गैस सिलेंडर के लिए लंबा इंतजार, अब भी तीन हजार का बैकलॉग
होटलों में मेन्यू हुआ सीमित, लकड़ी और कोयले के इस्तेमाल से बढ़ी कालिख
अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब साहिबगंज की रसोई तक पहुँच गया है। जिले में गैस सिलेंडर का बैकलॉग 3000 के पार पहुँच गया है, जिससे बुकिंग के एक सप्ताह बाद भी होम डिलीवरी नहीं हो पा रही है। पैनिक बुकिंग और बढ़ती कीमतों के कारण होटल संचालकों और आम जनता को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
साहिबगंज: प्रखंड मुख्यालय के कई इलाकों में बुधवार को गैस एजेंसियों की गाड़ियां गैस की होम डिलीवरी करती हुईं दिखी। हालांकि जिरवाबाड़ी और महादेवगंज में कुछ जगह सिलेंडर के लिए लोगों की लंबी लाइनें दिखीं। इस पर गैस एजेंसियों का कहना है कि बैकलॉग के कारण बुकिंग के सात-आठ दिन बाद ही गैस की होम डिलीवरी हो पा रही है। इस वजह से कुछ जगह कतारें दिख रही हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे धैर्य बनाएं रखें। लोगों को सिलेंडर की डोर स्टेप डिलीवरी की जाएगी। बता दें कि

आठ मार्च से गैस एजेंसियों में लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। कंपनियों ने दोबारा सिलेंडर लेने के लिए 25 दिन की कैपिंग लगा दी। गैस सिलेंडर लेने के लिए डीएसी कोड अनिवार्य कर दिया गया। नौ मार्च को भी स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ। गैस सिलेंडर के लिए एजेंसियों के बाहर लंबी लाइन लगनी शुरू हो गई। इसके बाद उपायुक्त ने पेट्रोलियम कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक की। हालांकि इस बीच कॉमर्शियल सिलेंडर बाजार में ऊंचे दाम पर बेचे जाने लगे।
फिर जिले में सिलेंडर बैकलॉग की संख्या बढ़ने लगी। बुकिंग के एक सप्ताह के बाद भी लोगों को सिलेंडर की होम डिलीवरी नहीं हो रही थी। होटल और रेस्टोरेंट में गैस सिलेंडर की जगह लकड़ी और कोयले का इस्तेमाल शुरू हो गया। पैनिक बुकिंग के कारण कंपनियों के बुकिंग सर्वर भी ठप होने लगे। कोयले की मांग बढ़ने से इसकी कीमत में बढ़ोतरी हुई। कई होटलों में मेन्यू सीमित कर दिया गया। फास्ट फूड ठेले बंद होने शुरू हो गए। इंडक्शन चूल्हे की मांग बढ़ गई।
पैनिक बुकिंग और बैकलॉग बढ़ने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने नए कनेक्शन के लिए आवेदन देना शुरू कर दिया। इसके बाद गैस एजेंसियों ने नए कनेक्शन पर अस्थायी रोक लगा दी। 17 मार्च को जिला प्रशासन की ओर से गैस सिलेंडर की होम स्टेप डिलीवरी के निर्देश दिए गए, लेकिन इसके बाद एजेंसी कार्यालय और गोदामों के बाहर लोगों की लंबी कतारें लगी रही। शहर में सिलेंडर का बैकलॉग भी तीन हजार के करीब पहुंच गया, जगह-जगह लोगों की लंबी कतारें लगती रही, कॉमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई, जिला प्रशासन ने छापेमारी की, कई खाली सिलेंडर बरामद किए। वहीं प्रशासन के निर्देश के बावजूद कई एजेंसियों ने गैस की होम डिलीवरी नहीं शुरू की।
अमेरिका, इजराइल और ईरान में युद्ध शुरू होने के बाद 26 मार्च तक गैस एजेंसी और गोदामों के बीच गैस के लिए लोगों की लंबी कतार दिखी।हालांकि इस बीच अधिकांश एजेंसियों ने गैस सिलेंडर की होम डिलीवरी भी शुरू कर दी, लेकिन बैकलॉग में कोई उल्लेखनीय कमी नहीं आई। इससे पहले 24 मार्च को 25 की जगह 35 दिन में दोबारा सिलेंडर मिलने की सूचना पाते ही पैनिक बुकिंग करने वालों की संख्या में और इजाफा हो गया। इस दौरान कुछ इलाकों में जहां लोग सड़क पर उतर आए। हालांकि रामनवमी की छुट्टी के बाद शनिवार को जब गैस एजेंसियों के कार्यालय खुले तो कई लोग सिलेंडर लेने के लिए एजेंसी के कार्यालय पहुंचते दिखे। गैस के लिए अधिक लंबी कतार दिखी। इस दौरान मंगलहाट गैस एजेंसी की ओर से सिलेंडर की होम डिलीवरी भी जारी रही।
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