ममता बनर्जी का बड़ा प्रशासनिक दांव: चुनाव से पहले 23 'लाभ के पदों' से दिया इस्तीफा
टीएमसी का दावा: यह निर्णय नैतिक है, कानूनी रूप से अनिवार्य नहीं था
पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को 23 विभिन्न "लाभ के पदों" से इस्तीफा दे दिया। इनमें स्वास्थ्य मिशन, वन्यजीव बोर्ड और आपदा प्रबंधन प्राधिकरण जैसे महत्वपूर्ण पदों की अध्यक्षता शामिल है। टीएमसी सूत्रों के अनुसार, यह कदम चुनाव के दौरान पारदर्शिता सुनिश्चित करने और "ऑफिस ऑफ प्रॉफिट" से जुड़े किसी भी विवाद से बचने के लिए उठाया गया है। दूसरी ओर, भवानीपुर सीट पर मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है, जहाँ भाजपा ने शुभेंदु अधिकारी को मैदान में उतारा है। शुभेंदु इस बार अपनी वर्तमान सीट नंदिग्राम के साथ-साथ भवानीपुर से भी ममता बनर्जी को चुनौती देंगे
कोलकाता: पश्चिम बंगाल में अगले महीने होने वाले दो चरणों के विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार रात अपने पास मौजूद विभिन्न “लाभ के पदों” से इस्तीफा दे दिया। आचार संहिता लागू होने और चुनाव आयोग की निगरानी के बीच इस कदम को प्रशासनिक पारदर्शिता से जोड़कर देखा जा रहा है। ममता बनर्जी दक्षिण कोलकाता के भवानीपुर से अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस की उम्मीदवार हैं।

इसके अलावा उन्होंने पश्चिम बंगाल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और पश्चिम बंगाल लोक नीति एवं योजना बोर्ड जैसे संगठनों में अपने पदों से भी इस्तीफा दे दिया है। अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता और राज्य मंत्रिमंडल के सदस्य के अनुसार, मुख्यमंत्री ने पारदर्शिता का संदेश देने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया है, हालांकि उनके लिए ऐसा करना अनिवार्य नहीं था।
भारतीय जनता पार्टी ने भवानीपुर से मुख्यमंत्री के खिलाफ पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी को उम्मीदवार बनाया है। शुभेंदु अधिकारी पूर्वी मेदिनीपुर जिले की नंदीग्राम से भी चुनाव लड़ रहे हैं, जहां से वह वर्तमान में विधायक हैं और दो बार इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
