Dhanbad News: भू-धंसान से कोहराम, तीन-चार घर जमींदोज, कई लोगों के दबे होने की आशंका
जान बचाने के लिए सामान लेकर सुरक्षित ठिकानों की ओर भागे लोग
सोनारडीह ओपी क्षेत्र के टांडाबारी में मंगलवार शाम भीषण भू-धंसान होने से 3-4 घर जमीन में समा गए, जिसमें एक ही परिवार के तीन सदस्यों सहित 4 लोगों के दबे होने की आशंका है। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने कतरास-महुदा मार्ग (NH-32) जाम कर दिया और अवैध खनन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। विधायक शत्रुघ्न महतो और सांसद प्रतिनिधि ने मौके पर पहुंचकर प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठाए हैं। इलाके में दहशत का माहौल है और कई परिवार पलायन कर रहे हैं।
बाघमारा: कोयलांचल क्षेत्र में मंगलवार को एक बार फिर भयावह भू-धंसान की घटना सामने आई, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। सोनारडीह ओपी क्षेत्र के टंडाबारी में शाम करीब 5 बजे अचानक जमीन धंसने से तीन-चार घर पलभर में जमींदोज हो गए। इस हादसे में 3 से 4 लोगों के जमीन में दबे होने की आशंका जताई जा रही है, जिससे परिजनों में चीख-पुकार मच गई।

घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने सैकड़ों की संख्या में सोनारडीह ओपी का घेराव कर दिया और एनएच-32 कतरास-महुदा मुख्य मार्ग को जाम कर प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। लोगों ने आरोप लगाया कि अवैध खनन के कारण क्षेत्र में लगातार जमीन धंसने की घटनाएं हो रही हैं, लेकिन प्रशासन और संबंधित विभाग इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
पीड़िता रिंकी कुमारी ने रोते-बिलखते बताया कि अचानक जमीन धंसने से उसका घर पूरी तरह समा गया। इस घटना में उसकी बहन गीता कुमारी, चाची सरिता देवी और पिता मोनू उरांव के दबे होने की आशंका है। उन्होंने कहा कि घटना के काफी देर बाद तक भी कोई राहत और बचाव कार्य शुरू नहीं हुआ, जिससे परिजनों में आक्रोश है।
सूचना मिलते ही बाघमारा विधायक शत्रुघ्न महतो मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने इस घटना के लिए अवैध खनन को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि सोनारडीह, रामकनाली, तेतुलमारी, जोगता और बाघमारा क्षेत्र में लगातार इस तरह की घटनाएं हो रही हैं, जो प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है। उन्होंने जिला प्रशासन से तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने और प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने की मांग की।
गौरतलब है कि करीब एक माह पूर्व भी इसी क्षेत्र में गैस रिसाव की घटना हुई थी, जिससे इलाके की जमीन पहले से ही कमजोर हो चुकी थी। इसके बावजूद समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिसका नतीजा आज की इस भयावह घटना के रूप में सामने आया। समाचार लिखे जाने तक राहत एवं बचाव कार्य पूरी तरह से शुरू नहीं हो सका था, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय लोग प्रशासन से तत्काल कार्रवाई और स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।
टांडाबरी हादसे पर सांसद प्रतिनिधि ने जताई चिंताः
टांडाबरी में हुए हादसे को लेकर जिला सांसद प्रतिनिधि सुभाष चंद्र रवानी ने गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने इसे प्रशासन की लापरवाही और अवैध खनन का नतीजा बताया। उन्होंने कहा कि समय रहते कार्रवाई नहीं होने से यह घटना हुई। रवानी ने फंसे लोगों को शीघ्र सुरक्षित निकालने के लिए तेज रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। साथ ही उच्च स्तरीय जांच, पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा तथा क्षेत्र में अवैध खनन पर तत्काल रोक लगाने की भी मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि कार्रवाई नहीं हुई तो मामला उच्च स्तर तक उठाया जाएगा।
