Koderma News: सिविल सर्जन की अध्यक्षता में विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से संबंधित बैठक
बैठक में सिविल सर्जन डॉ अनिल कुमार, श्रम अधीक्षक अनिल रंजन, जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ रमण, अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी सह उपाधीक्षक डॉ रंजीत कुमार , डीपीएम महेश कुमार समेत चिकित्सा पदाधिकारी व कर्मी मौजूद रहे।
कोडरमा: सिविल सर्जन, कोडरमा डॉ अनिल कुमार की अध्यक्षता में झारखण्ड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अन्तर्गत संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं यथा-चिकित्सा सहायता योजना चिकित्सा प्रतिपुर्ति योजना एवं मातृत्व प्रसुविधा योजना से संबंधित बैठक संपन्न हुआ। इसमें मजदूरों को चिकित्सा सहायता और प्रतिपूर्ति चिकित्सा सहायता योजना के विषय में विस्तार से चर्चा हुई। श्रम अधीक्षक अनिल रंजन ने बैठक में बताया कि निर्माण क्षेत्र के श्रमिकों जो किसी बीमारी के दौरान अस्पताल में 5 दिन या इससे अधिक कार्यदिवस के दौरान भर्ती होते है तो भर्ती रहने वाले मजदूरों को इन दिनों का न्यूनतम मजदूरी श्रम विभाग देगा। इस योजना के तहत अधिकतम 40 दिन के न्यूनतम मजदूरी का भुगतान श्रमिकों को किया जाना है। साथ ही असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को गंभीर बीमारी होने पर चिकित्सा प्रतिपूर्ति योजना के तहत हार्ट, कैंसर, लीवर, सर्जरी समेत गंभीर बीमारी के इलाज के लिए 2.50 लाख रुपए तक की आर्थिक मदद इलाज के लिए दी जाती है।
इस मदद के पहले जिला स्तरीय अनुशंसा के बाद ही श्रमिक को इलाज में मदद मिल सकेगी। सिविल सर्जन डॉ अनिल कुमार ने कहा कि चिकित्सा सहायता योजना चिकित्सा प्रतिपुर्ति योजना एवं मातृत्व प्रसुविधा योजना का वृहद रूप से प्रचार प्रसार करें। चिकित्सा प्रतिपूर्ति योजना का लाभ गंभीर बीमारी यथा कैंसर, हृदय रोग (शल्यक्रिया सहित), गुर्दा रोग (शल्यक्रिया सहित), असाध्य मानसिक रोग (शल्यक्रिया सहित), एड्स, टोटल हिप रिप्लेसमेंट, स्पाईनल सर्जरी, मेजर वेस्कुलर डिजीज, बोन मैरो ट्रांसप्लान्ट, लीवर ट्रांसप्लान्ट, हेपाटोमा, एडवांस सिरोसिस ऑफ लीवर, रेटीनल डिटाचमेंट, प्रोलिफरेटिव डाईबेटिक रेटिनोपैथी, रेटीनल आर्टरी ऑक्लूजन, ईल्स डिजीज, मैकुलर होल से पीड़ित असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को मिलेगा। इस हेतु जिला स्तरीय समिति के अनुशंसा के उपरांत योजनान्तर्गत लाभ देय होगें। साथ ही एक बीमारी हेतु लाभुकों को एक ही बार योजना का लाभ मिलेगा।
