झारखंड में एसीबी की सबसे बड़ी कार्रवाई, मामूली जेइ के घर मिले ढाई करोड़ नकद, गिनने में लग गए सात घंटे
जमशेदपुर : झारखंड में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, एसीबी ने अबतक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है. जमशेदपुर में एनएच – 33 स्थित आनंद बिहार काॅलोनी निवासी जूनियर इंजीनियर सुरेश प्रसाद वर्मा के घर से करीब ढाई करोड़़ रुपये जब्त किए. यह इंजीनियर सरायकेला खरसावां जिले में पदस्थापित है. मालूम हो कि जूनियर इंजीनियर का पद सामान्य होता है और तनख्वाह भी मामूली होती है. यूं भी बढे पद पर बैठे किसी लोक सेवक यानी सरकारी नौकरी वाले शख्स की तनख्वाह भी सीमित ही होती है.
एसीबी के डीजी ने बताया कि उसने जांच टीम को प्रलोभन भी दिया और फोन पर दबाव भी डलवाया, लेकिन एसीबी के कर्मियों ने पूरी ईमानदारी से उसके खिलाफ अभियान को अंजाम तक पहुंचाया.
कैसे चढा हत्थे?
जूनियर इंजीनियर सुरेश प्रसाद वर्मा की काली कमाई सीधे एसीबी को पता नहीं चली. दरअसल, गुरुवार को उसे साकची थाना क्षेत्र के आइडीए काॅलोनी निवासी संवेदक विकास कुमार शर्मा से 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया थी. इस गिरफ्तारी के बाद एसीबी के डीजी नीरज सिन्हा को गुप्त सूचना मिली की उसके घर काफी पैसा व संपत्ति के कागजात हैं. इसके बाद एसीबी डीजी ने एसपी चंदन कुमार सिन्हा को तलाशी का आदेश दिया. जमशेदपुर एसीबी थाना के प्रभारी डीएसपी अरविंद कुमार सिंह ने अपनी टीम के साथ जेइ के एमजीएम आनंद विहार रोड नंबर 11 स्थित घर पर छापा मारा.
नोट को गिनने में हुई दिक्कत
इंजीनियर के घर से नोट मिलने के बाद एसीबी की टीम भी आश्चर्य में पड़ गयी. नोट का ढेर था, जिसे गिनना उनके लिए मुश्किल हो रहा था. इसके बाद नोट गिनने की मशीन मंगायी गयी. मशीन से भी नोट गिनने में सात घंटे लग गए. उसके यहां दो हजार एवं पांच के नोट थे. उसके यहां से पांच फ्लैट के कागज, निवेश, जमीन के कागज एवं 100 ग्राम सोना जब्त किया गया.
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