पीओके और अक्साई चिन को अमेरिका ने बताया भारत का हिस्सा
यूएस ट्रेड प्रतिनिधि कार्यालय ने जारी किया नया मानचित्र
अमेरिका द्वारा जारी नए मानचित्र में पीओके, अक्साई चिन और पूरे जम्मू-कश्मीर को भारत का हिस्सा दिखाया गया है। इस कदम को भारत के लिए कूटनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पहले इन क्षेत्रों को विवादित दिखाया जाता था, लेकिन नए नक्शे ने भू-राजनीतिक बहस को फिर तेज कर दिया है।
नई दिल्ली : भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते की घोषणा के बाद संयुक्त राज्य व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) कार्यालय द्वारा जारी नक्शे में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) और चीन के कब्जे वाले अक्साई चिन समेत पूरा जम्मू-कश्मीर भारत के हिस्से के रूप में दर्शाया गया है। यूएसटीआर कार्यालय के एक्स पोस्ट पर साझा इस नक्शे को भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप माना जा रहा है।
अरुणाचल प्रदेश भी भारत की सीमा में दर्शाया गया

पहले भी नक्शों को लेकर उठती रही आपत्ति
भारत ने पूर्व में कई अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों द्वारा जारी नक्शों में जम्मू-कश्मीर और अरुणाचल प्रदेश की सीमाओं की गलत प्रस्तुति पर आपत्ति जताई थी। नए नक्शे को उन आपत्तियों के बाद सही रूप में प्रस्तुत माना जा रहा है। पहले अमेरिकी एजेंसियों द्वारा जारी नक्शों में पीओके को अक्सर विवादित क्षेत्र के रूप में दिखाया जाता था।
भारत के रुख के अनुरूप माना जा रहा कदम
विशेषज्ञों के अनुसार यह कदम भारत के रुख के अनुरूप माना जा रहा है और इसे अमेरिका की पूर्व नीति से कुछ अलग दृष्टिकोण के रूप में भी देखा जा रहा है, क्योंकि पहले ऐसे नक्शों में डॉटेड लाइन या अलग लेबल का इस्तेमाल किया जाता रहा है।
पाकिस्तान और चीन के दावों को भारत कर चुका है खारिज
पाकिस्तान ने वर्ष 2020 में एक राजनीतिक नक्शा जारी कर जम्मू-कश्मीर, लद्दाख के कुछ हिस्सों और गुजरात के जूनागढ़ एवं सर क्रीक पर दावा किया था, जिसे भारत ने सिरे से खारिज कर दिया था। इसी तरह चीन ने अगस्त 2023 में जारी नक्शे में अरुणाचल प्रदेश और अक्साई चिन को अपना हिस्सा दिखाया था, जिसे भारत ने अस्वीकार करते हुए स्पष्ट कहा था कि नक्शे बदलने से जमीनी हकीकत नहीं बदलती।
क्षेत्रीय विवाद का ऐतिहासिक संदर्भ
पीओके विवाद 1947 से भारत और पाकिस्तान के बीच जारी है। विभाजन के समय जम्मू-कश्मीर एक रियासत थी, जिसके महाराजा हरि सिंह ने पाकिस्तान के हमले के बाद भारत में विलय का निर्णय लिया। इसके बाद पाकिस्तान ने पश्चिमी और उत्तरी हिस्से पर कब्जा कर लिया, जिसे आज पीओके कहा जाता है।
अक्साई चिन क्षेत्र लद्दाख के उत्तर-पूर्व में स्थित है। चीन ने 1950 के दशक में यहां सड़क निर्माण कर नियंत्रण स्थापित किया और 1962 के भारत-चीन युद्ध के बाद से लगभग 38 हजार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र पर अपना कब्जा बनाए रखा है, जबकि भारत इसे अपने क्षेत्र का हिस्सा मानता है।
Mohit Sinha is a writer associated with Samridh Jharkhand. He regularly covers sports, crime, and social issues, with a focus on player statements, local incidents, and public interest stories. His writing reflects clarity, accuracy, and responsible journalism.
