आम नहीं मीठा जहर खा रहे हैं आप
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आशका पटेल
फलों का राजा कहा जाने वाला आम ज्यादातर लोगों को पसंद होता है। बच्चे हो या बुजुर्ग सभी को आम के मौसम का इंतजार होता है, ताकि अपना पसंदीदा फल आम खा सकें। लेेेेकिन ये आम आपके स्वास्थ के लिए घातक हो सकता है, जो रसायनों से पकाये गए हैं। पिछले कुछ वर्षों से आम व्यापारियों ने ग्राहकों की सेहत से खिलवाड़ करते हुए आमों को जल्दी पकाने के अलग- अलग तरीकों का इस्तेमाल करना शुरु कर दिया है। कृत्रिम रूप से आमों को पकाकर बाजार में धड़ल्ले से बेचा जाता है, पके और मोहक से दिखाई देने वाले आमों को खरीदते समय हम भूल जाते हैं, कि यही आम हमें किस कदर नुकसान पहुंचा सकते हैं।
आमों को पकाने के लिए जिस रसायन का इस्तेमाल किया जाता हैं उसे कैल्शियम कार्बाइड कहते हैं। कार्बाइड से पकाए गए फल सेहत को नुकसान देता है। जिसका उपभोग लंबे समय तक करने से लोगों के स्वास्थ को हानि पहुंचा सकता है। ज्यादा मुनाफा पाने की लालच में इस रसायन का इस्तेमाल करके आम को पकाते हैं व बाजार में खुलेआम इसे बेचते हैं। आम के मौसम की शुरुआज से पहले ही पके हुए आमों को बाजार में बिकता देखना आश्चर्यचकित कर देता है, लेकिन कभी लोग इस बात पर घ्यान नही देते हैं। जबकि आमों को पकाने के लिए कैल्शियम कार्बाइड का इस्तेमाल खाघ एवं औषधि प्रशासन की ओर से बंधित है, इसका उपयोग करना गैर कानूनी है।
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क्या है कैल्शियम कार्बाइड ?
इसका रसायनिक फार्मूला सीएसी-2 है। इसका इस्तेमाल एसिटिलीन के स्रोत पर ब्लोटार्च और वेल्डिंग के लिए किया जाता है। ये पानी में आने पर कैल्शियम कार्बाइड एसिटिलीन गैस का निर्माण करता है, जो कि आम को पकाने के लिए जरुरी होता है। कैल्शियम कार्बाइड में कम मात्रा में आर्सेनिक और फाॅसफोरस हाइड्राईड पाए जाते हैं, जिससे कैंसर होने के कारण हैं। कैल्शियम कार्बाइड के अलावा और भी रसायन के इस्तेमाल से आमों को पकाया जाता है। एथेफोन रसायन को पानी में मिलाकर कच्चे आमों पे छिड़काव किया जाता है। एथेफोन भी एथिलीन गैस उत्पन्न है, जो कि आम पकने के लिए जरुरी होता है। इन सबके अलावा कई आम व्यापारी एस्कार्बिक एसिड और क्यूप्रिक एथिलीन डायामाईन टेट्राएसिटेट का इस्तेमाल करते हैं, जो कि एथिलीन निर्माण में सहायक होते हैं।
कार्बाइड से नुकसान
कैल्शियम कार्बाइड में मौजूद आर्सेनिक और फाॅसफोरस पानी से धोने पर नहीं जाता और ये शरीर में जाकर दिमाग को नुकसान पहुंचाता है। एसिटिलीन व कैल्शियम कार्बाइड के संर्पक में ज्यादा समय तक रहने से आखों में लालपन, जलन और खुजलाहट हो सकती है।
आम के डिब्बों को खोलने के बाद त्वचा पर खुजलाहट, लालपन व जलन होने की वजह कैल्शियम कार्बाइड ही होती है। कार्बाइड में मौजूद लैक्टोन रसायनों के कारण किडनी के काम करने के तरीके पर असर पड़ता है।
इन रसायनों से पके आमों को कैसे पहचाने ?
किसी बर्तन में आम डालकर इसमें पानी भरें, यदि ये तैरने लगे तो समझ लीजिए, आमों को रसायनों की मदद से पकाया गया है। इसके अलावा आम को हाथ में उठाकर देखिये, इनकी बाहरी त्वचा पर हल्की झुर्रियां दिखाई देगी। लोगों का मानना हैं कि आमों पर झुर्रिया हो तो प्राकृतिक रुप से पके हुये होते हैं, पर ऐसा नही है। आम हल्का हरा हो और झुर्रियां भी दिखाई तो आम को पेड़ पर पकने से पहले तोड़ लिया गया है और रसायनों के मदद से पकाया गया है। आम पर हल्के हरे धब्बे का दिखना भी दिखाता है कि इसे रसायनों की मदद से पकाया गया है। जबकि प्राकृतिक रुप से पका आम हरा हुआ भी तो धब्बे नहीं दिखायी देंगे, ब्लकि अपने पीलेपन के साथ हरे रंग दिखाई देगी। इसके अलावा आम को काटा जाए तो एक तरह से पका आम प्राकृतिक है, जबकि अधकचा कही लाल कही हल्का पीला आम रसायनों की मदद से पकाया गया है।
Edited By: Samridh Jharkhand