रूपचंद हांसदा को संताली भाषा का साहित्य अकादमी, हिंदी में अनामिका को, मैथिली में कमलकांत

रांची : इस साल के साहित्य आकादमी पुरस्कारों की घोषणा शुक्रवार को की गयी। संताली भाषा के लिए संताली कवि व साहित्यकार रूपचंद हांसदा को साहित्य अकादमी पुरस्कार देने की घोषणा की गयी है, जबकि मैथिली के लिए साहित्यकार कमलकांत झा को। वहीं, हिंदी भाषा के लिए यह सम्मान कवियित्री अनामिका को देने का ऐलान किया गया है। इसके अलावा अन्य भारतीय भाषाओं के लिए भी इस साल साहित्य आकादमी पुरस्कार का ऐलान किया गया है।

रूपचंद हांसदा की अबतक 21 किताबें छप चुकी हैं और काॅलेज के दिनों में ही बतौर संताली लेखक वे पहचाने जाने लगे थे। उनकी रचना में विविधता है। उनकी किताबों की श्रृंखला में अनुवाद, कविता संग्रह, कहानी, पाठ्य सामग्री आदि शामिल हैं। वे पहले बांग्ला लिपि में लिखते थे, लेकिन 1988 के बाद ओलचिकी लिपि में उनकी रचनाएं प्रकाशित होने लगीं।
कमलकांत झा को उनके कविता संग्रह गाछ रूसल आछी के लिए साहित्य आकादमी पुरस्कार देने का निर्णय लिया गया है।