Sahebganj News: अवैद्य मिट्टी खनन जोरों पर, ओवरलोड ट्रालियों का कहर जारी
खनन विभाग की सुस्ती से फल-फूल रहा माफिया तंत्र, सड़कों की स्थिति हुई बदतर
साहिबगंज और राजमहल क्षेत्र में अवैध मिट्टी खनन और ओवरलोडिंग का खेल बेरोकटोक जारी है। गंगा किनारे जेसीबी मशीनों से हो रही खुदाई और ईंट भट्टों पर अवैध आपूर्ति ने पर्यावरण के साथ-साथ सरकारी राजस्व को भी भारी नुकसान पहुँचाया है। प्रशासन की निष्क्रियता पर अब स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं।
साहिबगंज: प्रखंड मुख्यालय सहित राजमहल अनुमंडल क्षेत्र में ओवरलोड ट्रकों की आवाजाही थमने का नाम नहीं ले रही है। जिले के चानन घाट, मदनशाही, सकरीगली व अन्य विभिन्न हिस्सों में अवैद्य मिट्टी खनन का धंधा तेजी से चल रहा है। यहां गंगा नदी के किनारे जेसीबी मशीनों का उपयोग कर मिट्टी का अवैद्य खनन किया जा रहा है। वहीं राजमहल प्रखंड के सुखसेना घाट, घाट जमुनी टपुआ सहित अन्य क्षेत्रों में भी अवैद्य खनन का मामला सामने आया है, जहां सड़कों पर मिट्टी लदी ट्रालियां सड़कों पर फर्राटा भर रही हैं।

राजस्व का नुकसान
सूत्रों के अनुसार, ट्रैक्टर व ट्रकों के माध्यम से बड़े पैमाने पर अवैद्य मिट्टी ढुलाई की जा रही है, जिससे सरकार को भारी राजस्व का नुकसान हो रहा है। साक्षरता मोड़, मदनशाही, पश्चिमी फाटक और महादेवगंज मार्ग से दिन-रात ओवरलोड ट्रक और ट्रालियां गुजरते देखे जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि रात होते ही ऐसे वाहनों का आवागमन और भी तेजी से शुरू हो जाता है, जिससे प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
मिट्टी कटाई पर प्रशासन मौन
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की अनदेखी के कारण मिट्टी माफियाओं का धंधा बेरोकटोक जारी है, लेकिन प्रशासन इस पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन की अनदेखी के कारण ही मिट्टी माफियाओं के हौंसले बुलंद हैं। वे बिना किसी अनुमति के मिट्टी कटाई कर रहे हैं, जिससे पर्यावरण को नुकसान हो रहा है। कई जगहों पर तो मिट्टी कटाई के बाद गहरे गड्ढे बन गए हैं, जो बच्चों और जानवरों के लिए खतरा पैदा कर रहे हैं।
कड़ी कार्रवाई की मांग
अवैद्य मिट्टी खनन के खिलाफ कई जगहों पर ग्रामीणों ने विरोध किया है, लेकिन प्रशासन की तरफ से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। इस मामले में प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल उठ रहे हैं। कार्रवाई के दावों के बावजूद प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है। ओवरलोड ट्रालियां और ट्रकों के कारण सड़कें तेजी से जर्जर हो रही हैं और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। लोगों ने उच्च अधिकारियों से कड़ी और ठोस कार्रवाई की मांग की है।
प्रदूषण से पर्यावरण को नुकसान
उल्लेखनीय है कि ईंट भट्टों पर अवैध मिट्टी की आपूर्ति की जाती है। जिले भर में हजारों अवैध ईंट भट्टों का संचालन किया जा रहा है, जिनसे पर्यावरण को गंभीर नुकसान हो रहा है। इन ईंट भट्टों में ईंट पकाने के लिए प्लास्टिक और अन्य कचरे का भी उपयोग किया जाता है, जिससे जहरीला धुआं निकलता है और आस-पास के गांवों में हवा प्रदूषित हो रही है। माफिया किसानों की जमीन लीज पर लेकर दिन-रात जेसीबी से मिट्टी निकालते हैं और इसे ईंट भट्टों तक पहुंचाते हैं।
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