Sahebganj News: डीएमओ के खिलाफ अरशद ने सीएम, डीजीपी व डीआईजी को लिखा पत्र
मानवाधिकार आयोग का दरवाजा खटखटाने का दिया अल्टीमेटम
साहिबगंज के चर्चित सामाजिक कार्यकर्ता और पर्यावरण प्रेमी सैयद अरशद नसर ने जेल से रिहा होने के बाद भ्रष्टाचार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री, डीजीपी और अन्य वरीय अधिकारियों को आवेदन भेजकर डीएमओ कृष्ण कुमार किस्कू, एसडीपीओ और अन्य पुलिस अधिकारियों के खिलाफ फर्जी केस दर्ज कराने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी की मांग की है। अरशद का दावा है कि माफियाओं के साथ मिलकर उन्हें साजिश के तहत एक साल जेल में रखा गया, जिसके खिलाफ वे अब न्यायालय और मानवाधिकार आयोग जाने की तैयारी में हैं।
साहिबगंज: चर्चित सामाजिक कार्यकर्ता सह पर्यावरण प्रेमी सैयद अरशद नसर ने मंगलवार को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, डीजीपी तदाशा मिश्रा, दुमका के आईजी पटेल मयूर कन्हैया लाल, डीआईजी अम्बर लकड़ा व साहिबगंज जिला उपयुक्त हेमन्त सती, आरक्षी अधीक्षक अमित कुमार सिंह, झारखंड के खनन सचिव अराव राजकमल, झारखंड खनन निदेशक राहुल कुमार सिन्हा को स्पीड पोस्ट से पांच पन्ने का आवेदन भेज कर जिरवाबाड़ी थाना कांड संख्या-104/24 तथा 204/24 के पर्यवेक्षण पदाधिकारी सह साहिबगंज अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी किशोर तिर्की व कांड के अनुसंधानकर्ता लव कुमार, दीपक क्रिएशन, मो. शाहरुख व जिले के भ्रष्ट व चरित्रहीन खनन पदाधिकारी सह केसकर्ता कृष्ण कुमार किस्कू व अन्य के खिलाफ़ भारतीय न्याय संहिता-2023 की सुसंगत धाराओं के तहत् अविलंब प्राथमिकी दर्ज करते हुए कड़ी से कड़ी कानूनी, विभागीय व विधि सम्मत कार्रवाई करने की मांग की है।
उचित कार्रवाई नहीं होने पर अरशद नसर ने न्यायालय व मानवाधिकार आयोग का दरवाजा खटखटाने की चेतावनी भी दी है। भेजे गए आवेदन में अरशद ने आरोप लगाया है कि बदला लेने के उद्देश्य से डीएमओ कृष्ण कुमार किस्कू ने पत्थर माफियाओं, कारोबारियों, खनन कर्मीयों व भ्रष्ट पुलिस-प्रशासनिक पदाधिकारियों के साथ अनैतिक सांठ-गांठ व लेन-देन कर मेरे खिलाफ़ पुरी तरह से दो-दो झूठा केस दर्ज करवा दिया, जिसके चलते पूरी तरह से निर्दोष रहते हुए भी मुझे करीब एक साल जेल में रहना पड़ा जो मेरे संवैधानिक, मौलिक व मानवाधिकार का खुला हनन व घोर उल्लघंन है।

