झारखंड-बंगाल बॉर्डर खोला गया, ममता सरकार ने 24 घंटे से कर रखा था सील
मामले में झामुमो ने भी किया पलटवार
झामुमो महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा, सीमाएं सील करने का ममता बनर्जी का फैसला उन पर काफी भारी पड़ेगा. अगर झारखंड अपनी सीमाएं बंद कर दे तो पश्चिम बंगाल भारत के पश्चिमी, उत्तरी और दक्षिणी हिस्सों से कट जाएगा.
रांची: बंगाल सरकार द्वारा सील किये गए झारखंड-बंगाल बॉर्डर को खोल दिया गया है. करीब 24 घंटे बाद बंगाल सरकार ने बॉर्डर सील करने के निर्णय को वापस ले लिया है. बता दें कि बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में बाढ़ के हालात बनने का जिम्मेवार झारखंड को बताया था. इससे नाराज़ बंगाल की ममता सरकार ने गुरुवार को झारखंड-बंगाल बॉर्डर को सील कर दिया. ममता बनर्जी का मानना है कि दामोदर घाटी निगम डीवीसी (DVC) द्वारा झारखंड के डैमों से पानी छोड़े जाने के कारण पश्चिम बंगाल में बाढ़ के हालात बन गये. इससे क्षुब्ध होकर बंगाल सरकार ने मैथन समेत जमशेदपुर,दुमका,जामताड़ा,पाकुड़ और बोकारो से लगी सीमाएं को बंद कर दिया था. इस वजह से हजारों मालवाहक वाहन बॉर्डर में फंसी रही.
झारखंड-बंगाल बॉर्डर के बंद होने के कारण जाम में फंसे हजारों ट्रक के चालक व सहयोगी परेशान हो गए. इस दौरान वाहनों की कतार लगातार बढ़ती जा रही थी. इस बीच 24 घंटे बॉर्डर बंद रहने से दोनों राज्यों की सरकार के बीच काफी गहमागहमी रही. मामले को लेकर ममता बनर्जी ने DVC से सभी रिश्ते तोड़ने की बात भी कही. इस मामले में DVC के एक अधिकारी ने बताया कि नई दिल्ली स्थित केन्द्रीय जल आयोग (CWC) के निर्देश पर पानी छोड़ा गया था, लेकिन अब इसे रोक दिया गया है.
झामुमो ने भी किया पलटवार

विवाद गहराने पर वापस लिया निर्णय

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