मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने हिमंत बिस्वा सरमा को लिखा पत्र, असम में झारखंड मूल के आदिवासियों को ST का दर्जा देने की मांग
असम में OBC कैटेगरी में रखा गया है
चाय जनजातियों को सरकारी योजनाओं और लाभों से वंचित रखा गया है, जिससे उनकी सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक स्थिति पर गंभीर प्रभाव पड़ा है. वर्तमान में जनजातियों को शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य सेवाओं में आरक्षण का कम लाभ मिल रहा है.
रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को पत्र लिखा है. सीएम हेमंत सोरेन ने पत्र में असम में रह रहे झारखंड के मूल के आदिवासियों (चाय जनजातियों) को ST का दर्जा देने का अनुरोध किया है ताकि उनके अधिकारों की रक्षा हो सके. दरअसल, असम में चाय जनजातियों OBC में रखा गया है.
वहीं झारखंड, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ और ओडिशा में इन्हें ST का दर्जा प्राप्त है. सीएम हेमंत ने पत्र में लिखा है कि चाय जनजातियों को सरकारी योजनाओं और लाभों से वंचित रखा गया है, जिससे उनकी सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक स्थिति पर गंभीर प्रभाव पड़ा है. वर्तमान में जनजातियों को शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य सेवाओं में आरक्षण का कम लाभ मिल रहा है.

आज मैंने पत्र लिख कर असम के मुख्यमंत्री श्री .@himantabiswa जी से असम में रह रहे चाय-जन जातियों को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने का अनुरोध किया है। pic.twitter.com/lVIcClV9Dv— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) September 25, 2024
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