परीक्षा के आधार पर हो चतुर्थ वर्गीय भर्ती, मैट्रिक अंक पर नहीं: पलामू छात्रों का कमिश्नर पर दबाव
पारदर्शिता और आरक्षण रोस्टर का पूर्ण पालन सुनिश्चित करने की मांग
पलामू के छात्र नेता परीक्षा आधारित भर्ती और पारदर्शिता की मांग को लेकर कमिश्नर से मिले। मैट्रिक अंक पर चयन रोकने और आरक्षण पालन की भी मांग।
पलामू : पलामू प्रमंडल के चतुर्थ वर्गीय (फोर्थ ग्रेड) पदों पर भर्ती की प्रक्रिया को लेकर छात्रों का आक्रोश गहराता जा रहा है। बुधवार को छात्र नेता सत्यनारायण शुक्ला और अनूप पासवान के नेतृत्व में दर्जनों अभ्यर्थियों ने पलामू कमिश्नर श्रीमती कुमुद सहाय से मुलाकात कर अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। छात्रों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे जल्द ही अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठने को मजबूर होंगे।
8 महीनों से 'चंदा' जुटाकर न्याय की गुहार लगा रहे छात्र

मुख्य मांग: "अंक नहीं, परीक्षा से हो चयन"
छात्रों ने स्पष्ट किया कि उनकी एकमात्र और प्रमुख मांग चयन प्रक्रिया में बदलाव है:
परीक्षा आधारित मेरिट: भर्ती मैट्रिक के अंकों के आधार पर न होकर, लिखित परीक्षा के प्राप्तांकों के आधार पर की जाए। पारदर्शिता: छात्रों का तर्क है कि मैट्रिक आधारित प्रक्रिया गरीब और मेहनती छात्रों के साथ अन्याय है। परीक्षा प्रणाली ही समान अवसर सुनिश्चित कर सकती है। आरक्षण रोस्टर: चयन सूची में आरक्षण रोस्टर का पूर्णतः पालन सुनिश्चित किया जाए। "हम सरकार के ढुलमुल रवैये से थक चुके हैं। अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया गया है। अगर पारदर्शिता के साथ परीक्षा आयोजित नहीं हुई, तो भूख हड़ताल ही हमारा अंतिम रास्ता होगा।"
कमिश्नर का आश्वासन
कमिश्नर कुमुद सहाय ने छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे जल्द ही इस विषय पर जिले के उपायुक्त (DC) से मिलकर आवश्यक पहल करेंगी और छात्रों की जायज मांगों को उचित स्तर तक पहुँचाएंगी। इस अवसर पर छात्र नेता सत्यनारायण शुक्ला और अनूप पासवान के साथ अनिल बैठा, सुजीत पासवान, मुस्लिम अंसारी, सत्येंद्र पासवान, सत्येंद्र कुमार महतो, विकास कुमार महतो, विकास पासवान, और दिनेश कुमार सहित कई अभ्यर्थी मुख्य रूप से उपस्थित थे।
