बजट 2026 में एमएसएमई को ₹10,000 करोड़ की ऐतिहासिक सौगात: सीए वन्दना अग्रवाल
कर अनुपालन में राहत और विदेशी प्रेषण पर टीसीएस घटाया गया
कोडरमा की सीए वन्दना अग्रवाल ने बजट 2026 को एमएसएमई क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि ₹10,000 करोड़ की सूक्ष्म उद्योग विकास निधि, कर अनुपालन में सरलीकरण और पूर्वोदय योजना जैसे प्रावधान छोटे उद्योगों को सशक्त बनाएंगे और उन्हें आत्मनिर्भर बनने में मदद करेंगे।
कोडरमा : कोडरमा जिले की सीए वन्दना अग्रवाल ने बजट 2026 को लेकर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होने बताया की भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र के लिए केंद्र सरकार का बजट 2026-27 एक क्रांतिकारी मोड़ साबित हो सकता है। सरकार ने इस क्षेत्र को मज़बूत बनाने के लिए तीन स्तंभों भागीदारी पूंजी (इक्विटी), तरलता (लिक्विडिटी) और व्यावसायिक सहयोग (प्रोफेशनल सपोर्ट) पर आधारित रणनीति लागू की है, ताकि छोटे उद्यम "चैंपियन बन सके।
1. ₹10,000 करोड़ सूक्ष्म उद्योग विकास निधि इक्विटी की शक्ति

उदाहरणः कोडरमा का ₹2 करोड़ वार्षिक कारोबार वाला एक विनिर्माण इकाई अब बिना अतिरिक्त कर्ज लिए अपनी क्षमता बढ़ा सकता है।
कर अनुपालन में सरलीकरण
विदेशी यात्रा पैकेजों पर स्रोत पर कर संग्रह (टीसीएस) अब 5% या 20% से घटकर केवल 2% रहेगा। शिक्षा या चिकित्सा के लिए विदेश प्रेषण पर TCS 5% से घटाकर 2% किया गया है।संशोधित आयकर विवरणी दाखिल करने की अंतिम तिथि अब 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च कर दी गई है। गैर-ऑडिट व्यावसायिक करदाताओं के लिए दाखिल करने की आखिरी तारीख अब 31 जुलाई से बढ़ाकर 31 अगस्त साथ ही, मोटर दुर्घटना मुआवज़े पर मिलने वाला ब्याज अब पूरी तरह कर मुक्त कर दिया गया है।
'पूर्वोदय योजना' से पूर्वी भारत को बल
बिहार सहित पूर्वी राज्यों के लिए उद्योग गलियारा (ईस्ट कोस्ट इंडस्ट्रियल कॉरिडोर) विकसित किया जाएगा। साथ ही राज्य सरकारों को ₹2 लाख करोड़ की सहायता 'सस्सी योजना के तहत दी जाएगी। पूंजीगत व्यय ₹12.2 लाख करोड़ तक बढ़ाया गया है-जिसमें परिवहन, रक्षा और ग्रामीण विकास को प्रमुख स्थान मिला है।
निष्कर्ष- "कदम, वचन नहीं"
बजट 2026 का संदेश स्पष्ट है सरकार ने सुधार को प्राथमिकता दी है। एमएसएमई को पूंजी, नकदी और पेशेवर मार्गदर्शन का सशक्त त्रिकोण प्रदान किया गया है। कर अनुपालन आसान हुआ है तथा विश्वास आधारित शासन की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है।
