बोकारो हॉफ मैराथन में देशभर से पहुंचे 5800 धावकों ने दिखाया जोश और दमखम
स्टेडियम से सड़कों तक दौड़ा उत्साह, मैराथन में उमड़ा जनसैलाब
सेल–बोकारो हॉफ मैराथन में देश के विभिन्न राज्यों से आए 5,800 धावकों ने हिस्सा लेकर बोकारो को खेल उत्सव में बदल दिया। विभिन्न श्रेणियों की दौड़ों में प्रतिभागियों ने फिटनेस और अनुशासन का शानदार प्रदर्शन किया।
बोकारो : 1 फरवरी को स्थानीय मोहन कुमार मंगलम स्टेडियम खेल भावना, जोश और उत्साह से सराबोर नजर आया, जब सेल–बोकारो हॉफ मैराथन का भव्य आयोजन किया गया। इस बहुप्रतीक्षित आयोजन में बोकारो के साथ-साथ देश के विभिन्न राज्यों से आए कुल 5,800 धावकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। प्रतिभागियों में 1,229 महिला एवं 4,571 पुरुष धावक शामिल रहे, जिन्होंने अपने अदम्य साहस, अनुशासन और फिटनेस का शानदार प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ बोकारो स्टील प्लांट के डायरेक्टर इंचार्ज प्रिय रंजन ने हरी झंडी दिखाकर किया। इस अवसर पर संयंत्र के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स, डीआईजी (सीआईएसएफ) एम. मित्तल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। फ्लैग ऑफ के साथ ही स्टेडियम में उपस्थित धावकों और दर्शकों के उत्साहपूर्ण जयघोष से वातावरण गूंज उठा।
मैराथन को सफल और सुरक्षित बनाने के लिए व्यापक प्रबंध किए गए थे। धावकों की सुविधा हेतु पूरे मार्ग में पेयजल, एनर्जी ड्रिंक एवं रिफ्रेशमेंट की व्यवस्था की गई। साथ ही एम्बुलेंस, चिकित्सकों एवं चिकित्सा कर्मियों की तैनाती, सुरक्षा व्यवस्था तथा स्वयंसेवकों की सक्रिय भागीदारी ने आयोजन को सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाए रखा। आयोजन के दौरान यातायात प्रबंधन और सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा गया, जिससे प्रतिभागियों को निर्बाध एवं सुरक्षित वातावरण मिला।
दौड़ के दौरान प्रतिभागियों का जोश, प्रतिस्पर्धा की भावना और खेल भावना देखने लायक रही। कई धावकों ने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय दर्ज किया, जबकि कुछ ने पहली बार लंबी दूरी की दौड़ पूरी कर अपनी क्षमता को परखा। दर्शकों और स्वयंसेवकों ने तालियों और उत्साहवर्धन से धावकों का मनोबल बढ़ाया।
दौड़ पूरी करने वाले सभी प्रतिभागियों को मेडल एवं प्रमाणपत्र प्रदान किए गए, जबकि विभिन्न श्रेणियों के विजेताओं को डायरेक्टर इंचार्ज द्वारा पुरस्कृत किया गया। पुरस्कार वितरण समारोह में विजेताओं के चेहरों पर उपलब्धि की चमक साफ दिखाई दे रही थी।
सेल–बोकारो हॉफ मैराथन ने न केवल खेल और फिटनेस को बढ़ावा दिया, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली, अनुशासन और सामुदायिक सहभागिता का भी संदेश दिया। यह आयोजन बोकारो ही नहीं बल्कि पुरे पूर्वी भारत में खेल संस्कृति को प्रोत्साहित करने और युवाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।
Mohit Sinha is a writer associated with Samridh Jharkhand. He regularly covers sports, crime, and social issues, with a focus on player statements, local incidents, and public interest stories. His writing reflects clarity, accuracy, and responsible journalism.
