धारा 370 तात्कालिक प्रावधान था, जिसे पिछली सरकारों ने 70 साल तक जारी रखा : अमित शाह

नयी दिल्ली : गृहमंत्री अमित शाह शनिवार को लोकसभा में जम्मू कश्मीर पुनर्गठन संशोधन विधेयक 2021 पर बोल रहे हैं। उन्होंने इस दौरान जम्मू कश्मीर में विदेश के दबाव में 4जी सेवा बहाल करने वाले बयानों को खारिज कर दिया। शाह ने कहा कि यह मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा की सरकार है जो विदेश के दबाव में फैसले नहीं करती। उन्होंने असदु्द्दीन औवैसी का नाम लेते हुए कहा कि वह यूपीए की सरकार चली गयी जिसका आप समर्थन करते हैं।
Speaking in the Lok Sabha on J&K reorganisation (amendment) Bill-2021. https://t.co/GUmh8GQibT— Amit Shah (@AmitShah) February 13, 2021
अमित शाह ने कहा कि धारा 370 तात्कालिक प्रावधान था जो 70 सालों तक चली। उन्होंने कहा कि यह सरकार तुष्टीकरण के फैसले नहीं लेती है। उन्होंने कहा कि देश भर में आइएएस-आइपीएस अफसर भेजे जाते हैं, तो राज्य के अफसरों का अधिकार चला जाता है क्या। उन्होंने सवाल किया कि क्या कश्मीर के युवाओं का देश के कैडर में आने का अधिकार नहीं होता। अगर स्कूल जला नहीं दिए जाते और बच्चों को मदरसों में जाने को मजबूर नहीं किया जाता तो वहां के बच्चे भी आइएएस-आइपीएस में होते।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार में दंगे होते थे और हजारों नागरिक मारे जाते थे। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में यह कहना कि 80 प्रतिशत अफसर बाहर के हैं, यह कहना गलत है, सभी इसी भारत माता की संतान हैं। उन्होंने कहा कि 1950 से हमारा नारा था कि देश में दो निशान, दो प्रधान और दो विधान नहीं रहेगा और मोदी जी के नेतृत्व में हमने इसे समाप्त कर दिया।
अमित शाह ने कहा कि हमारी सरकार आने के बाद जम्मू कश्मीर में पंचायती राज की शुरुआत हुई। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि जम्मू कश्मीर में करीब 3650 सरपंच निर्वाचित हुए और 33 हजार पंच निर्वाचित हुए। उन्होंने कहा कि अब वहां राजा-रानी के पेट से नेता नहीं बनेंगे, वोट से नेता चुने जाएंगे।
शाह ने अपने संबोधन के दौरान जम्मू कश्मीर में किए गए विकास कार्याें को भी गिनाया। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में 50 हजार परिवारों को स्वास्थ्य बीमा के तहत कवर किया गया। 10 हजार युवाओं को रोजगार योजना में कवर किया गया। छह हजार नए कार्य शुरू हुए। मेरा शहर-मेरेा गौरव के तहत शहरी विकास के कार्य किए गए।