कोलकाता में 57 परिवार किये गये विस्थापित, सामाजिक संगठनों ने उठाई पुनर्वास व मुआवजे की मांग

गैर कानूनी व मनमाने तरीके से अंजाम दिया गया

कोलकाता में 57 परिवार किये गये विस्थापित, सामाजिक संगठनों ने उठाई पुनर्वास व मुआवजे की मांग

मुक्तो कंठो महिला समिति, श्रमजीवी महिला समिति, पश्चिम बंग खेत मजूर समिति, पश्चिम बंग चा मजूर समिति ने संयुक्त वक्तव्य में कहा अनुच्छेद 21 के तहत नागारिकों को हासिल है आजीविका व आश्रय का अधिकार

कोलकाता: कोलकाता के माझेरहाट रेलवे स्टेशन के सामने एसएमपीके सेंटेनरी हॉस्पिटल की चाहरदीवारी के निकट हेलेन केलर सारणी में घरों के विध्वंस और उसमें रहने वाले लोगों के अवैध निष्कासन की विभिन्न सामाजिक संगठनों ने निंदा की है।ने एक वक्तव्य जारी कर इस कृत्य की निंदा की है।

इन संगठनों की ओर से जारी संयुक्त बयान में कहा गया है कि यह कार्रवाई कलकत्ता हाइकोर्ट द्वारा 20 जून 2024 और 26 जून 2024 को पारित डब्ल्यूपीए 15989 के आदेश के बाद हुई। यह आदेश कोलकाता पुलिस को निवासियों को उस भूमि से हटाने का उपाय करने का निर्देश देता है, जहां वे पीढियों से रह रहे हैं।

हालांकि निवासियों को बिना पूर्व सूचना के विध्वंस को पूरी तरह से गैर कानूनी व मनमाने तरीके से अंजाम दिया गया है। बयान में कहा गया है कि घर ध्वस्त कर दिये गये जबकि सारा सामान अंदर ही था, इस कार्रवाई से 57 परिवार बेघर हो गये और गंभीर संकट में पड़ गये। इस अवैध कार्रवाई ने महिलाओं, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गाें एवं बच्चों के सामने अत्यधिक मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। वे अब सड़क पर हैं और उनका कोई ठिकाना नहीं है, जहां वे जा सकें।

बयान में उचित प्रक्रिया के अभाव और निवासियों के अधिकारों के सम्मान की घोर उपेक्षा किये जाने की बात कही गई है और कहा गया है कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत नागरिकों को आश्रय और आजीविका का अधिकार हासिल है। इसमें पुनर्वास के बिना जबरन बेदखली के खिलाफ भी अधिकार शामिल है।

यह भी पढ़ें देश के कई हिस्सों में भारी बारिश ने बढाई परेशानी, गोंडा में बाढ जैसे हालात, राहत कार्य जारी

संगठनों ने मांग की है कि हेलेन केलर सारणी के विस्थापित किये गये लोगों को तत्काल पुनर्वास किया जाये। अवैध बेदखली और विध्वंस के कारण हुए नुकसान की भरपाई के लिए प्रत्येक परिवार को पांच लाख रुपये मुआवजा दिया जाये। संगठनों ने इस दिशा में तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

यह भी पढ़ें चाय मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी के मुद्दे पर पीबीसीएमएस की याचिका पर होगी सुनवाई

Edited By: Samridh Jharkhand

Latest News

बासुकीनाथ धाम में राजकीय श्रावणी मेला का उद्घाटन पेयजल व स्वच्छता मंत्री ने किया बासुकीनाथ धाम में राजकीय श्रावणी मेला का उद्घाटन पेयजल व स्वच्छता मंत्री ने किया
चाय मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी के मुद्दे पर पीबीसीएमएस की याचिका पर होगी सुनवाई
रवि प्रकाश: कैंसर से लड़ता, मेडिकल साइंस में इतिहास रचता एक शख्स
कोडरमा के दो हिंदू परिवार सौ वर्षों से निकाल रहे ताजिया
अपना अधिकार मांगेगा थीम पर झारोटेफ का 18 जुलाई से होगा कार्यक्रम शुरू
बिहार में पॉपलर की खेती को बढावा देने के लिए किसानों को यमुनानगर मंडी का परिभ्रमण कराने की मांग
अनुबंध कर्मियों ने हेमंत सरकार को दी आंदोलन की चेतावनी, समान काम का समान वेतन सिद्धांत लागू करने की मांग 
देश के कई हिस्सों में भारी बारिश ने बढाई परेशानी, गोंडा में बाढ जैसे हालात, राहत कार्य जारी
विदेशी ताकतें भाजपा को हराने के लिये हर स्तर से लगी है: गीता कोड़ा
पांच दिवसीय गैर आवासीय विद्यालय नेतृत्व उन्मुखीकरण कार्यशाला
ईचा डैम रद्द करने को लेकर संघ ने मंझगांव विधायक को सौंपा मांग पत्र
ॐ ह्रीं विपत्तारिणी दुर्गायै नम: के मंत्रोच्चार से गुंजायमान हुआ शहर