Palamu News : सेफर इंटरनेट डे पर कार्यशाला का आयोजन, साइबर सुरक्षा पर जोर
टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन और मजबूत पासवर्ड पर दिया गया जोर
पलामू जिला समाहरणालय में सेफर इंटरनेट डे के अवसर पर कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें साइबर सुरक्षा, एआई के सुरक्षित उपयोग, डीपफेक और ऑनलाइन फ्रॉड से बचाव के उपायों पर अधिकारियों और प्रतिभागियों को जागरूक किया गया।
पलामू : जिला समाहरणालय के द्वितीय तल स्थित सभाकक्ष में मंगलवार को सेफर इंटरनेट डे के अवसर पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार की थीम “Smart Tech, Safe Choices: Exploring the Safe and Responsible Use of AI” के अंतर्गत राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) पलामू जिला इकाई के माध्यम से आयोजित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य इंटरनेट उपयोगकर्ताओं को सुरक्षित इंटरनेट के प्रति जागरूक करना था।

कार्यक्रम की शुरुआत में जिला सूचना विज्ञान पदाधिकारी रणवीर सिंह ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यशाला के उद्देश्य और विषय का परिचय दिया। इस अवसर पर उपायुक्त ने कहा कि वर्तमान समय में इंटरनेट का सुरक्षित उपयोग अत्यंत आवश्यक है। सरकारी कार्यों में होने वाले वित्तीय लेन-देन के दौरान साइबर फ्रॉड की संभावना बनी रहती है, इसलिए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को साइबर सुरक्षा के प्रति सतर्क रहना चाहिए तथा अपने सहकर्मियों को भी सुरक्षित इंटरनेट उपयोग के बारे में जागरूक करना चाहिए।
उप विकास आयुक्त जावेद हुसैन ने एआई आधारित डीपफेक, वॉइस स्कैम और सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग से बचाव के उपायों की जानकारी दी। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन, मजबूत एवं यूनिक पासवर्ड के उपयोग तथा संदिग्ध लिंक और फाइलों से दूर रहने की सलाह दी।
अपर समाहर्ता श्री कुमार ने फिशिंग, विशिंग और स्मशिंग जैसे साइबर अपराधों के तरीकों से अवगत कराते हुए बताया कि अधिकृत वेबसाइट से ही कार्य करना चाहिए और ओटीपी जैसी गोपनीय जानकारी किसी से साझा नहीं करनी चाहिए। उन्होंने सरकारी कार्यों में लाइसेंस्ड सॉफ्टवेयर, एंटीवायरस और सरकारी ई-मेल आईडी के उपयोग पर जोर दिया।
अपर जिला सूचना विज्ञान पदाधिकारी प्रगति प्रकाश विहंगम ने सुरक्षित इंटरनेट उपयोग के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अनजान कॉल, लिंक या संदेशों से सतर्क रहना चाहिए और निजी जानकारी साझा करने से बचना चाहिए।
जिला सूचना विज्ञान पदाधिकारी रणवीर सिंह ने साइबर हाइजीन और एआई सेफ्टी हाइजीन पर जोर देते हुए बताया कि एंटीवायरस का उपयोग, सुरक्षित पासवर्ड और जागरूकता ही साइबर हमलों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है। उन्होंने कहा कि एआई के बढ़ते उपयोग के साथ-साथ उसके दुरुपयोग से होने वाले वॉइस क्लोनिंग, डीपफेक और निवेश ठगी जैसे मामलों से भी सतर्क रहना आवश्यक है।
मौके पर सिविल सर्जन डॉ. अनिल, जिला योजना पदाधिकारी, जेएसएलपीएस डीपीएम, ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर, UIDAI के डीपीओ, नेटवर्क इंजीनियर, अंचल अधिकारी, जिला स्तरीय कार्यालय कर्मी, प्रज्ञा केंद्र संचालक तथा स्वयं सहायता समूह की महिलाएं शामिल हुईं।
Susmita Rani is a journalist and content writer associated with Samridh Jharkhand. She regularly writes and reports on grassroots news from Jharkhand, covering social issues, agriculture, administration, public concerns, and daily horoscopes. Her writing focuses on factual accuracy, clarity, and public interest.
