Pakur News: मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग का बड़ा कदम, घर-घर होगा फीवर सर्वे
एएनएम, सहिया और स्वास्थ्य टीम गांव-गांव जाकर करेंगी जांच
पाकुड़िया क्षेत्र में बढ़ते मौसमी बीमारियों के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा 10 से 25 अप्रैल तक व्यापक घर-घर फीवर सर्वे अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत स्वास्थ्य टीम प्रत्येक घर जाकर बुखार, सिरदर्द और अन्य लक्षणों की जांच करेगी।
पाकुड़: क्षेत्र में बढ़ते मौसमी बीमारियों के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा 10 अप्रैल से 25 अप्रैल तक एक व्यापक घर-घर फीवर सर्वे अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बुखार से पीड़ित लोगों की समय पर पहचान कर उन्हें तुरंत इलाज उपलब्ध कराना है, ताकि मलेरिया, डेंगू जैसी बीमारियों को फैलने से रोका जा सके।
इस अभियान के तहत गठित स्वास्थ्य टीमों में एएनएम, सहिया, स्वास्थ्य कर्मी एवं अन्य सहयोगी शामिल रहेंगे, जो गांव-गांव और घर-घर जाकर लोगों के स्वास्थ्य की जानकारी एकत्र करेंगे। प्रत्येक घर में जाकर परिवार के सभी सदस्यों की स्थिति के बारे में पूछा जाएगा और खासकर बुखार, ठंड लगना, सिर दर्द, बदन दर्द जैसे लक्षणों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
मौके पर ही होगी जांच

तुरंत मिलेगा इलाज
जिन लोगों में मलेरिया या अन्य बुखार से संबंधित बीमारी की पुष्टि होती है, उन्हें मौके पर ही दवाइयां दी जाएंगी या आवश्यकता अनुसार नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में रेफर किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य है कि कोई भी मरीज इलाज से वंचित न रहे और समय रहते सभी को स्वास्थ्य सेवाएं मिलें।
डाटा संग्रह और निगरानी
इस अभियान के दौरान प्रत्येक घर का डाटा एकत्र किया जाएगा, जिससे यह पता लगाया जा सके कि किन क्षेत्रों में बुखार के मामले अधिक हैं। इसके आधार पर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी और जरूरत पड़ने पर विशेष चिकित्सा शिविर भी लगाए जाएंगे।
सतर्कता और जागरूकता पर जोर
स्वास्थ्य कर्मी लोगों को साफ-सफाई बनाए रखने, आसपास पानी जमा न होने देने, मच्छरदानी का उपयोग करने जी और समय पर डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह भी देंगे।
स्वास्थ्य विभाग की अपील
स्वास्थ्य विभाग ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे सर्वे टीम का पूरा सहयोग करें, सही जानकारी दें और किसी भी प्रकार की जानकारी छुपाएं नहीं। यह अभियान आम लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए चलाया जा रहा है, इसलिए सभी की सहभागिता बेहद जरूरी है।
