Dumka News: डीसी का कड़ा रुख: जाति प्रमाण पत्र में देरी पर शिकारीपाड़ा के राजस्व कर्मचारियों का वेतन रोका
लापरवाह कर्मचारियों और अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई
दुमका उपायुक्त अभिजीत सिन्हा ने समाहरणालय में राजस्व, आपदा प्रबंधन और प्रमाण पत्र निर्गत करने संबंधी कार्यों की व्यापक समीक्षा की। कार्य में शिथिलता बरतने पर उन्होंने शिकारीपाड़ा के सभी राजस्व कर्मचारियों और मसलिया के अंचल निरीक्षक का वेतन रोकने का आदेश दिया। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि भूमि सीमांकन के मामले 90 दिनों से अधिक लंबित नहीं रहने चाहिए और आम नागरिकों को प्रशासनिक कार्यों के लिए अनावश्यक परेशान नहीं किया जाना चाहिए।
दुमका: बुधवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त अभिजीत सिन्हा की अध्यक्षता में राजस्व, आंतरिक संसाधन, आपदा प्रबंधन तथा जाति एवं स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र से संबंधित महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों के साथ लंबित मामलों एवं योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।उपायुक्त ने भूमि सीमांकन से संबंधित आवेदनों की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिया कि कोई भी आवेदन 90 दिनों से अधिक लंबित नहीं रहना चाहिए।

ग्राम प्रधान एवं उनके सहयोगियों के मानदेय भुगतान की स्थिति की जानकारी लेने पर बताया गया कि आवंटन हेतु विभागीय स्तर पर पत्राचार किया जा चुका है तथा आवंटन प्राप्त होते ही भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।प्राकृतिक आपदा से संबंधित आवेदनों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने निर्देश दिया कि स्वीकृत मामलों में भुगतान शीघ्र करते हुए उपयोगिता प्रमाण पत्र अविलंब समर्पित किया जाए।
उन्होंने प्रधानमंत्री किसान योजना की प्रगति की भी समीक्षा की और लाभुकों को समय पर लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।जाति प्रमाण पत्र से संबंधित लंबित आवेदनों की गंभीर स्थिति पर कड़ा रुख अपनाते हुए उपायुक्त ने शिकारीपाड़ा प्रखंड के सभी राजस्व कर्मचारियों का वेतन रोकने का निर्देश दिया। साथ ही मसलिया अंचल के अंचल निरीक्षक (सीआई) का भी वेतन स्थगित रखने का आदेश दिया।स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र से संबंधित प्रतिवेदन की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने लंबित आवेदनों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने तथा प्रमाण पत्र अभिलंब आवेदकों को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उपायुक्त ने स्पष्ट रूप से कहा कि जमीन से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आम नागरिकों को किसी भी प्रकार की अनावश्यक परेशानी न हो, यह हर हाल में सुनिश्चित किया जाए।
