नई शिक्षा नीति-2020 बनी, सालों से था देश को इंतजार: मैथेमैटिक्स गुरू
पटना: केंद्र सरकार द्वारा नई शिक्षा नीति बनाए जाने पर मैथेमैटिक्स गुरु आरके श्रीवास्तव ने कहा कि बहुत सालों से देश नई शिक्षा नीति का इंतजार कर रहा था। नई शिक्षा नीति आने में करीब 34 साल लग गए। अब यह सामने आई है। यह आगे की सोच रखने वाली एक नीति जरूर है।
सिर्फ 1 रुपया गुरु दक्षिणा लेकर सैकड़ों आर्थिक रूप से गरीब स्टूडेंट्स को आईआईटी, एनआईटी, बीसीईसीई सहित देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में सफ़लता दिलाकर चर्चित हुये बिहार के आरके श्रीवास्तव ने नई शिक्षा निती की सराहना किया। उन्होने कहा कि इस नई शिक्षा नीति से प्राथमिक और उच्च शिक्षा में बहुत बदलाव होंगे, नई शिक्षा नीति में ऑनलाइन शिक्षा को भी बढ़ावा दिया जाएगा। भारत सरकार के इस फैसले का मैथेमैटिक्स गुरू आरके श्रीवास्तव ने स्वागत किया।


विशेषज्ञों के विश्लेषण के बाद उन्होंने सुझाव दिए कि बच्चे का मस्तिष्क 3 साल से लेकर 6 साल तक विकसित होता है। उस बच्चे को हम खेल- खेल में तमाम गतिविधियों के माध्यम से उसका सर्वांगीण विकास करेंगे। अब हमनें 5+3+3+4 फॉर्मेंट तैयार किया है, इसमें हम बच्चों को बुनियादी शिक्षा के जरिए उसका सर्वांगीण विकास करना चाहते हैं।
शिक्षा को रोजगार रोजगारपरक बनाने का निर्णय भी ऐतिहासिक है। अब उसकी प्रारंभिक शिक्षा उसकी मातृभाषा में होगी। भारत की 22 भारतीय भाषाएं हैं। अब छात्र अपनी भाषा में पढ़ेगा, पांचवीं तक मातृभाषा रखी गई है, लेकिन छठी क्लास से व्यवसायिक शिक्षा को शुरू किया है। उसमें इंटर्नशिप भी रखी गई है जब छठी से बारहवीं तक जाएगा तो वह कौशल विकास की तरफ आगे बढ़ेगा नई शिक्षा नीति में ऑनलाइन शिक्षा पर जोर दिया गया है।


