रांची के अखबारों की सुर्खियां : निर्मला का बजट, सिपाही ने बेटी-बेटा व पत्नी की हत्या की, ट्रेन में 18 पिस्टल बरामद, अन्य खबरें
रांची : रांची के अखबारों में आज वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किया गया देश का आम बजट सबसे महत्वपूर्ण खबर है. एक सिपाही के वहशीपन व केरोना वायरस के खतरे जैसी खबरें भी अखबार में हैं.
प्रभात खबर ने इस खबर को शीर्षक दिया है: बजट मेल में टैक्स का खेल. अखबार ने लिखा है कि सरकार एलआइसी में अपना एक हिस्सा आइपीओ के जरिए बेचेगी. यह भी उल्लेख है कि बैंक डूबे तो ग्राहक का पांच लाख तक पैसा सुरक्षित रहेगा. पहले यह एक लाख था. सरकार आइडीबीआइ बैंक में अपनी हिस्सेदारी बेचेगी. पीएम नरेंद्र मोदी ने इसे नये दशक की अपेक्षाओं को पूरा करने वाला जबकि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पूरी तरह से बजट को खोखला बताया है. प्रभात खबर के ंप्रधान संपादक आशुतोष चतुर्वेदी ने बजट पर एक टिप्पणी लिखी है, जिसका शीर्षक है रिकार्ड तोड़ भाषण. वित्तमंत्री ने दो घंटे 39 मिनट तक बजट बढा और उसके बाद राजनाथ सिंह सहित अन्य मंत्रियों के आग्रह पर उसे सदन के पटल पर पेश कर दिया. अखबार ने बजट पर कई पेज में विशेष आयोजन किया है.दैनिक जागरण ने पहले पन्ने पर बजट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण का इलेस्ट्रेशन बनाया है और बहुत समाट ढंग से शीर्षक दिया है दूरदर्शी बजट. इस अखबार ने बजट को जस्टिफाई करने की कोशिश की है. निर्मला सीतारमण का एक कोट है: अर्थव्यवस्था की बुनियाद बहुत मजबूत है, महंगाई को रोकने में हम कामयाब रहे हैं, हमने कई संस्थागत सुधार किए हैं, जिसमे जीएसटी ऐतिहासिक रहा है. अखबार ने लिखा है कि पांच साल में आधारभूत संरचना पर एक लाख करोड़ रुपये खर्च करेगी सरकार. अखबार ने पीपीपी माॅडल के तहत 150 ट्रेनें चलाने के एलान का जिक्र किया है. अराजपत्रित सरकारी नैकरियों के लिए नेशनल रिक्रूमेंट सेंटर गठन का भी अखबार ने उल्लेख किया है.
दैनिक भास्कर ने बजट वाली खबर का शीर्षक दिया है: कल किसने देखा. इसका सब हेडिंग है – बजट का संदेश: जितना कमाओ पूरा खर्च करो. अखबार ने नये कर स्लैब के मद्देनजर लिखा है कि धीरे-धीरे सभी कर छूट खत्म करने की तैयारी की जा रही है. अखबार ने एक अन्य खबर दी है कि रोजगार के रास्ते दिखाए, पर कितने लोगों को कब काम मिलेगा, यह स्पष्ट नहीं. निर्मला सीतारमण के करीब पौने तीन घंटे लंबे भाषण का उल्लेख करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी व रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के साथ उनकी तसवीर अखबार में छापी है, जिसमें लिखा है बजट का पर्चा बहुत लंबा था, थक गयीं. बजट पर दिल्ली के स्कूल आॅफ इकोनाॅमिक्स के प्रोफेसर राम सिंह का आलेख है, जिसका शीर्षक है – काॅरपोरेट सेंटिमेंट के लिए ठीक, पर खपत बढाने का खाका नहीं.



