जहरीले कफ सिरप से 25वीं मौत, चार साल के बच्चे ने तोड़ा दम
नागपुर एम्स में चल रहा था लंबे समय से इलाज
कोल्ड्रिफ कफ सिरप पीने से बीमार हुए बैतूल के बच्चे हर्ष यदुवंशी की चार महीने बाद नागपुर एम्स में मौत हो गई। जहरीले सिरप कांड में मरने वाले बच्चों की संख्या अब 25 हो चुकी है, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
बैतूल/भोपाल : मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के परासिया क्षेत्र में हुए जहरीले कोल्ड्रिफ कफ सिरप कांड के शिकार एक और बच्चे की मौत हो गई। बैतूल जिले के चार वर्षीय हर्ष यदुवंशी ने रविवार रात नागपुर एम्स में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वह पिछले चार महीने से आईसीयू में भर्ती था और कोमा में जिंदगी की जंग लड़ रहा था। इस मौत के बाद प्रदेश में जहरीले कफ सिरप के सेवन से मरने वाले बच्चों की संख्या 25 हो गई है।
जानकारी के अनुसार, बैतूल जिले के टीकाबर्री निवासी गोकुल यदुवंशी ने अपने पुत्र हर्ष को सर्दी-खांसी की शिकायत पर 1 अक्टूबर 2025 को छिंदवाड़ा जिले के परासिया में एसएस ठाकुर को दिखाया था। ठाकुर की क्लीनिक पर हर्ष को कोल्ड्रिफ सिरप दिया गया, जिसे पीने के बाद उसकी हालत बिगड़ गई। परिजन उसे गंभीर हालत में नागपुर के एक निजी अस्पताल ले गए। बाद में छिंदवाड़ा और बैतूल में कई बच्चों की मौत के बाद प्रशासन सक्रिय हुआ। स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर हर्ष को निजी अस्पताल से नागपुर एम्स में भर्ती कराया गया, जहां तब से उसका इलाज चल रहा था।

हर्ष के पिता गोकुल पेशे से किसान हैं। उनके दो बेटों में हर्ष बड़ा था। इलाज के लिए परिवार पिछले चार महीनों से नागपुर में रह रहा था। एम्स में इलाज मुफ्त रहा, लेकिन रहने और खाने-पीने पर लाखों रुपये खर्च हो गए। आमला एसडीएम शैलेंद्र बड़ोनिया ने भी बच्चे की मौत की पुष्टि की।
गौरतलब है कि पिछले वर्ष सितंबर-अक्टूबर में कोल्ड्रिफ कफ सिरप पीने वाले कई बच्चों की किडनी खराब होने के मामले सामने आए थे। इसके बाद सिरप बनाने वाली तमिलनाडु की कंपनी, संबंधित डॉक्टरों और दवा दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। हर्ष की मौत के बाद यह मामला फिर सुर्खियों में आ गया है। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद शव गांव ले जाकर अंतिम संस्कार किया गया।
Related Posts
Thank you for voting! Results will be shown after the poll ends.
Thank you for voting! Results will be shown after the poll ends.
